बहादुरपुर ब्लाूक की हरनखा ग्राम पंचायत के कोटेदार हरिद्वार चौरसिया के 27 वर्षीय पुत्र की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार सुबह परिवार के एक बच्चे की नजर कमरे में छत के कुंडे से लटकी लाश पर पड़ी। उसके चिल्लाने पर बाकी लोग जुटे और घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस व फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किया। परिवार के अलावा पड़ोस व गांव के लोगों से जानकारी हासिल की। प्रभारी निरीक्षक रामआशीष यादव ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लगता है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी।
हरनखा ग्राम पंचायत के हरिद्वार चौरसिया सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के कोटेदार हैं। उनके पांच बेटों में सबसे छोटे अखिलेश चौरसिया (27) की करीब चार वर्ष पूर्व शादी हुई थी। उसकी कोई संतान नहीं थी। पत्नी मायके में रहकर पढ़ाई कर रही है। ग्रामीणों में चर्चा थी कि शादी के बाद से ही पत्नी के ज्यादातर मायके रहने से अखिलेश काफी दुखी रहता था। बुधवार की सुबह उठने के बाद सभी परिवारीजन अपनी दिनचर्या में जुटे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे कमरे में छत के कुंडे में रस्सी से लटकती अखिलेश की लाश मिलने से कोहराम मच गया। मायके से आई पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। थानाध्यक्ष नगर का कहना है कि अखिलेश ने सुबह ही शराब पी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ आत्महत्या की वजह तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। पत्नी संजेश को पति की मौत की सूचना मिली तो वह रोते-बिलखते अपने मायके से ससुराल आई।
तंगी के बीच गृहस्थी की अनबन
नगर बाजार। देसी पान की खेती के लिए मशहूर हरनखा गांव के हरिद्वार चौरसिया पान के अच्छे किसान रहे। सस्ते दर की दुकान चलाने वाले हरिद्वार के सभी पांच बेटे बैजनाथ (40), भुवनेश्वर (38), आनन्द (36), कौशल (34) के बाद सबसे छोटे अखिलेश में बंटवारा हो चुका है। अखिलेश पास के रौसिंघापार चौराहे पर चाट की दुकान लगाने लगा। करीब चार वर्ष पूर्व हर्रैया क्षेत्र के मझौवा निवासी संजेश के साथ अखिलेश की शादी हुई। संजेश मायके में रहकर बीटीसी कर रही है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी में किसी बात को लेकर अनबन रहती थी।