बस्ती। अरविंद सिंह हत्याकांड में भाजपा नेता और अधिवक्ता अजय सिंह को आरोपी बनाए जाने और बस्ती पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच शासन ने हत्याकांड की विवेचना गोंडा पुलिस को स्थानांतरित करने का फैसला किया है। शासन के निर्देश पर आईजी जोन ने तफ्तीश स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया। आनन-फानन छावनी एसओ से विवेचना वापस लेकर गोंडा पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई है। एसपी कृपाशंकर सिंह ने बताया कि आईजी जोन स्तर से विवेचना बस्ती पुलिस से हटाकर गोंडा पुलिस को दी गई है। अब गोंडा पुलिस इस हत्याकांड की अपने तरीके से जांच करेगी।
छावनी थाना क्षेत्र के लजघटा गांव निवासी अरविंद सिंह की हत्या 20 मार्च को अमारी बाजार से घर वापस आते समय पखेरी गांव के पास गोली मारकर कर दी गई थी। इस मामले में अरविंद सिंह के बड़े भाई अरुण सिंह ने अपने ही गांव के भाजपा नेता अजय सिंह, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अंबिकेश्वर सिंह पुत्रगण नरेंद्र बहादुर सिंह और धर्मेंद्र गुप्ता पुत्र भगवान दास के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कई स्थानों पर छापे मारे, मगर पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। आरोपी पक्ष की ओर से लगातार पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे थे। मुल्जिम बनाए गए भाजपा नेता अजय सिंह के अधिवक्ता होने के कारण अधिवक्ताओं ने उनके समर्थन में कई बार प्रदर्शन कर आरोप लगाया था कि अजय सिंह और उनके परिवार केे लोगों को जबरन इस मामले में घसीटा जा रहा है।
घटना के बाद चार अप्रैल की शाम को पुलिस ने सोनू पाठक नामक युवक को गिरफ्तार कर उसे शूटर बताते हुए कहा कि यह भी अरविंद सिंह की हत्या में शामिल था। यह लजघटा के पास कलानी खुर्द के पाठकपुरवा का रहने वाला है। इसने हत्या में शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस सोनू पाठक को गिरफ्तार कर आगे बढ़ रही थी कि अचानक शासन ने इस पर ब्रेक लगा दिया। शासन ने इस मामले की विवेचना तत्काल दूसरे जनपद को स्थानांतरित करने का आदेश आईजी जोन को दिया।
आईजी जोन ने एसपी बस्ती को शासन की मंशा से अवगत कराया और मामले की विवेचना गोंडा के एसपी को स्थानांतरित कर दी। अब एसपी गोंडा की ओर से अरविंद सिंह हत्याकांड की विवेचना नए सिरे से कराई जाएगी। विवेचना स्थानांतरित होने के बाद अब यह भी चर्चा है कि मामले में सीबीसीआईडी जांच का आदेश भी होने वाला है।