कलवारी थाना क्षेत्र के सिंकदरपुर में महिला की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। ससुराल के लोगों ने मायके को खबर किए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि दहेज के लिए हत्या करके साक्ष्य मिटाने के लिए शव जलाया गया। पुलिस ने पति, सास व ससुर समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या कर शव को छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दिया।
गौर थाना क्षेत्र के अम्मरपुर निवासी मुंशी शर्मा ने अपनी बेटी कमला की शादी कलवारी थानाक्षेत्र के सिकन्दरपुर के रामललित के बेटे लक्ष्मी शंकर के साथ किया। उनके तीन बच्चे हुए। कमला के पिता के अनुसार शादी के कुछ माह बाद से ही दहेज के लिए उसे लोग परेशान करने लगे। थाने पर शिकायत के बाद मामला कोर्ट में भी पहुंचा। इस बीच ससुरालियों ने सुलह-समझौता कर लिया और कमला को अपने साथ फिर से ससुराल ले गए।
16 दिसम्बर को कमला की मां ने पति लक्ष्मीशंकर के पास फोन कर बेटी से बात कराने को कहा तो बात नहीं कराई। 17 की सुबह फोन आया कि उसकी मौत हो गई है। अवाक पिता ने तुरंत सिंकदरपुर आने की बात कही तो बताया गया कि अंतिम संस्कार कर दिया गया है। एएसपी ने बताया कि पति लक्ष्मीशंकर, सास शंकुतला, ससुर रामललित, जेठ विजय और जेठानी पुष्पा के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने और महिला उत्पीड़न के आरोप मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।