बस्ती। अधिवक्ता संदीप कुमार को जिला अस्पताल चौकी प्रभारी अरुण द्विवेदी
द्वारा पीटे जाने का मामला गरमाता जा रहा है। मंगलवार को एसपी कार्यालय के
सामने विरोध प्रदर्शन करने के बाद अधिवक्ताओं ने बुधवार को एसपी से मुलाकात
की और मामले की जांच कराकर आरोपी दरोगा और सिपाहियों के विरुद्ध वैधानिक
कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित अधिवक्ता संदीप कुमार ने एसपी से बताया
कि वह 31 दिसंबर को वह जिला अस्पताल में भर्ती अपने एक रिश्तेदार को अपने
सीनियर अधिवक्ता सुखदेव वर्मा के साथ देखने गए थे।
रात में नौ बजे
के करीब वह वार्ड से निकलकर लघुशंका करने जा रहे थे कि इसी बीच अस्पताल
पुलिस चौकी पर तैनात एसआई अरुण द्विवेदी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए
अपने पास बुलाया। जब उन्होंने प्रतिरोध किया और अपना परिचय दिया तो दो
सिपाहियों ने उन्हें चौकी के अंदर खींच लिया।
इसके बाद तीनों ने
मिलकर उसे मारापीटा। इसी बीच उनके सीनियर अधिवक्ता भी पहुंच गए। मगर उनके
अनुनय विनय को भी दरोगा ने नजरंदाज कर दिया और कोतवाली लॉकअप में बंद कर
दिया। करीब तीन घंटे बाद उन्हें लॉकअप से छोड़ा गया। एसपी ने संदीप के
सीनियर सुखदेव वर्मा और सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रेम प्रकाश
श्रीवास्तव की भी बात सुनी।
अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि मामले
की जांच सीओ सिटी से कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी पुलिस
कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की निगरानी वह स्वयं कर
रहे हैं।
इस मौके पर सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय,
वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद चौधरी, दिनेश नरायन त्रिपाठी, रामसुरेश
वर्मा, रविशरण सिंह, अरविंद दूबे, अरविंद पांडेय, मारूत शुक्ल सालिकराम
चौधरी आदि मौजूद रहे।