दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त बस।
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बस्ती। फोरलेन पर टोल प्लाजा से पूरब स्थित पटेल चौक पर शुक्रवार की सुबह तेज रफ्तार निजी बस बेकाबू हो गई। इसकी चपेट में आकर 33 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसी के गांव के मां-बेटे भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
कोतवाली क्षेत्र के खोराखार के निकट पटेल चौक के पास सियरापार निवासी मां-बेटे कमला (65) और रमेश (40) अस्पताल जाने के लिए खड़े थे। वे किसी साधन का इंतजार कर रहे थे। उसी समय डुमरियागंज से लखनऊ जा रही प्राइवेट बस पहुंची और ब्रेकर पर अचानक अनियंत्रित हो गई। गति काफी तेज होने से हाईवे के किनारे खड़े मां-बेटे को टक्कर मारने के बाद सामने पड़े पंपिंग सेट को तोड़ते हुए आगे जाकर रुकी। इस हादसे में मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि कोतवाली चमरोहा सियरापार निवासी ऋषि श्रीवास्तव (33) की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मार्केटिंग कंपनी के मैनेजर ऋषि श्रीवास्तव दिल्ली से आ रहे अपने मित्र से मिलने बाइक लेकर गए थे। हादसे में बस के सभी यात्री सुरक्षित बच गए। पुलिस ने उक्त बस कब्जे में ले लिया मगर ड्राइवर-खलासी मौका देखकर भाग निकले।
...और थम गई योगेंद्र की धड़कन
बस्ती। ऋषि के गांव सियरापार से सटे हरदिया चौराहे पर वहीं के योगेंद्र चाय की दुकान करते थे। जहां पर ऋषि आया-जाया करते थे। उनके स्वभाव के कायल योगेंद्र से आत्मीयता बढ़ती गई। शुक्रवार को बस की चपेट में आने से ऋषि की मौत होने की जानकारी नहीं थी। घटना के समय वह शहर से दुकान का कुछ सामान लेकर जैसे ही पटेल चौक पर पहुंचे तो सामने ऋषि की लाश देख हतप्रभ हो गए। लोग जब तक कुछ समझ पाते, अचानक अचेत होकर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने उनके परिवार को सूचित किया। लेकिन जब तक लोग अस्पताल ले जाते, योगेंद्र की मौत हो गई। जानकार बताते हैं कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। मौत की खबर से पत्नी माया, पुत्र अजय व अर्पित का रो-रोकर बुरा हाल है।