बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जबकि इस मामले के आरोपी तीन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। दोषी पति को छह हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करना होगा। इसे अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने अदालत को बताया कि सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना के ग्राम भटपुरवा निवासी केदारनाथ भट्ट ने अपनी बेटी माधुरी की शादी रुधौली थाना क्षेत्र के बेलगड़ी निवासी निर्दोष कुमार उर्फ राजा पंडित के साथ 13 जून 2011 को की थी। गौना के बाद ससुराल के लोग दहेज में मोटर साइकिल की मांग के चलते बेटी को प्रताड़ित करते थे। पांच नवंबर 2012 को माधुरी ने पिता को बताया कि ससुराली उसे मार डालने की साजिश कर रहे हैं। कुछ देर बाद पति निर्दोष ने फोन किया कि माधुरी की तबीयत खराब है। इसकी सूचना पर पहुंचे तो जब मायके के लोग वहां पहुंचे तो माधुरी बेहोश पाई गई। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। उसे लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे ओपेक अस्पताल कैली रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत का कारण जहरीला पदार्थ बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति निर्दोष कुमार को सजा सुनाई, जबकि जेठ, ससुर व ननद को दोषमुक्त करार दिया।