बस्ती। सराफा व्यापार पर साढ़े 12 प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने और
दो लाख रुपये से अधिक की खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध में
गुरुवार को दूसरे दिन भी सराफा कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं। सांसद के
घेराव का कार्यक्रम भी चुनाव में उनकी व्यस्तता के कारण संभव नहीं हो सका।
सराफा कारोबारियों ने लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया
है।
राष्ट्रीय सराफा एसोसिएशन और प्रांतीय एसोसिएशन के आह्वान पर
जिले के सर्राफा कारोबारियों ने दूसरे दिन भी दुकानें नहीं खोलीं। दिन में
पंचायती मंदिर मंगलबाजार में जिला उपाध्यक्ष विश्वनाथ वर्मा की अध्यक्षता
में बैठक हुई।
विश्वनाथ वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार एक प्रतिशत
एक्साइज ड्यूटी लगाने के साथ ही एक्साइज विभाग के अधिकारियों को स्वर्ण
व्यवसायियों की दुकानाें की जांच जैसे अधिकार देकर इंसपेक्टर राज को बढ़ावा
देने का कार्य कर रही है। हम उसका पुरजोर विरोध करते हैं।
दो लाख
रुपये की ज्वैलरी खरीदारी पर पैनकार्ड अनिवार्य करना भी सरकार की कमजोर
मानसिकता का परिचायक है। पहले से ही मंदी की मार झेल रहे सराफा कारोबारियों
को और नुकसान में डालने का काम हो रहा है। बताया कि बंदी से हर दिन करीब
चालीस लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
संरक्षक राजेंद्र
प्रसाद सोनी ने कहा पिछले साल की तुलना में रेट कम होने से सराफा कारोबारी
घाटे में हैं। सरकार ने कई टैक्स लगाकर उनकी कमर तोड़ने का काम किया है।
जिला उपाध्यक्ष गोपाल जी सोनी ने बढ़ी एक्साइज ड्यूटी को वापस लेने की मांग
की।
जिलाध्यक्ष कुंदनलाल वर्मा ने बताया कि चार मार्च तक बंदी के
बाद मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन बंदी और धरना प्रदर्शन का निर्णय
राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर लिया जाएगा।
बैठक में राजेश
सोनी, दीपक सोनी, प्रमोद सोनी, विनोद रस्तोगी, रामचंद्र सर्राफ, भोला सोनी,
गोकुल प्रसाद, बसंत लाल, महेंद्र कुमार सोनी, बालगोपाल, कन्हैयालाल सोनी,
त्रिलोकी सोनी, दुर्गा प्रसाद सोनी, हनुमान प्रसाद सोनी, जितेंद्र सोनी,
जगदंबिका प्रसाद, जवाहर लाल वर्मा, रामकुमार सर्राफ, जगन्नाथ सर्राफ,
सूर्यलाल सोनी आदि मौजूद रहे।