बस्ती पुलिस के हत्थे चढ़े अंतरजनपदीय लुटेरे।
लुटेरों की तलाश में भटक रही पुलिस के हत्थे एक ऐसा गिरोह चढ़ गया, जो जौहरियों को सरेराह लूटता था। गिरफ्त में आए गैंग के पांच गुर्गों ने गोंडा, बहराइच, बाराबंकी लखनऊ व बलरामपुर में की गई लूट की घटना कबूल की। एक को छोड़कर सभी बदमाश गोंडा जिले के निवासी है, जिनमें दो हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं। गैंग का सरगना अवधेश तिवारी अभी हाल में ही जेल से छूटा है।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि परशुरामपुर थानाक्षेत्र के गौरा पांडेय में पहली अप्रैल को सर्राफा दुकानदार से सोने-चांदी के जेवर, रुपयों की लूट हुई थी। इसके अनावरण के लिए एएसपी रोहित मिश्र के पर्यवेक्षण में स्वाट टीम को टास्क दिया गया। टीम ने मंगलवार को हर्रैया थानाक्षेत्र के पूरे खेमराज के पास से अमारी बाजार की तरफ से आने वाली सड़क पर मुखबिर की सूचना पर गाड़ाबंदी की गई तो पांच संदिग्ध पकड़े गए। पूछताछ में उन सब ने परशुरामपुर की घटना स्वीकार करने के साथ ही दूसरे ही दिन कस्बा गौरा थाना खोडारे गोंडा में बियर की दुकान का कैश बाक्स लूट की घटना को भी कबूल की।
पकड़े गए अभियुक्तों में गोंडा जिले के थाना वजीरगंज के पूरे खेम निवासी अवधेश तिवारी, हनुमंत बहादुर पाल निवासी बेहिल मुंडेरवा हाल मुकाम तरबगंज गोंडा, वहीं के टेंगरहा निवासी छोट्टन उर्फ अब्दुल करीम के अलावा खरगूपुर थाने के देवतहा निवासी पवन कुमार उर्फ राजा सैनी और उसी गांव के दिनेश सैनी शामिल हैं। एक अन्य अभियुक्त फरार है। इनके पास से साढ़े चौबीस सौ रुपये, जेवरात, फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक, दो तमंचा के अलावा दो अन्य बिना नंबर की बाइक भी बरामद की गई है। एसपी ने कामयाबी हासिल करने वाली टीम को पांच हजार पुरस्कार देने का एलान किया है।