संतकबीरनगर के बाघनगर निवासी नूरुलहक को उसके ही दोस्तों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। रुपये के लेनदेन का झगड़ा हत्या की वजह बना। दोनों हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पिस्टल, कार और अन्य सामान बरामद कर लिया।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बुधवार को पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया। एसपी का कहना है कि नूरुुुुलहक की मोबाइल की बाघ नगर में दुकान है। जहां सईदुल्लाह उर्फ सईद और सुलेमान खां अक्सर उठते-बैठते थे। तीनों मिलकर कभी-कभी साझे में धंधा करके फायदे की रकम बांट लेते थे। इस बीच उनमें रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। सईदुल्लाह का नूरुलहक पर काफी पैसा उधार था। लेकिन मांगने पर उल्टे वह झगड़ा करता था। इसे लेकर उनमें खटास पैदा होने लगी। आखिरकर सईद ने कत्ल की योजना बना ली।
पूछताछ के आधार पर एसपी ने बताया कि नूरुलहक को इन लोगों ने योजनाबद्ध ढंग से रुपये हड़पने का मोबाइल कंपनी ओप्पो की एजेंसी दिलाने का झांसा दिया। उसी मीटिंग में लखनऊ ले जाने के बहाने नूरुलहक की ही कार से छह अप्रैल को तीनों साथ निकले। कार ड्राइव करते नूरुलहक फोरलेन पर छावनी थानाक्षेत्र के पूरे हिन्दू नहर पुलिया के पास पहुंचा तो रोककर सईद नेे उसे गोली मार दी। जब उसने दम तोड़ दिया तो दोनों ने उसकी लाश पुलिया ने नीचे फेंककर दी और भाग गए। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई।
एसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम में गन शाट आने के बाद से ही शक गहराने लगा था। एएसपी रोहित मिश्र के पर्यवेक्षण और सीओ हरैया कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में छावनी एसओ विक्रम सिंह को टास्क दी गई। इसके फलस्वरूप मंगलवार रात टीम ने सईदुल्लाह उर्फ सईद निवासी सेहुढ़ा (बाघनगर) थाना दुधारा जनपद संतकबीरनगर और सुलेमान खां उर्फ बंटी पुत्र रहमान खां निवासी बराटा थाना बड़ागांव जनपद झांसी हाल मुकाम बाघ नगर थाना दुधारा जनपद संतकबीरनगर को गोरखनाथ ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उसकी हत्या कैसे और क्यों की।