अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विनय खरे ने जाली नोट रखने के जुर्म में आरोपी को दोषी ठहराते हुए को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसे पांच हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। इसी मामले में एक अन्य आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की है। एसओजी प्रभारी पीके झा ने 18 जुलाई 2005 को टीम के साथ गश्त के दौरान एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर पकड़ा। इसके पास 500 रुपये का 160 जाली नोट बरामद हुआ। पुलिस को पकड़े एक व्यक्ति ने अपना नाम एस्सार अहमद उर्फ निसार अली थाना बखिरा के ग्राम लेडुआ महुआ रसूलाबाद संतकबीर नगर निवासी बताया। यह भी बताया कि इन नोटों को चलाने के लिए उसी जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के तिलजा निवासी खुर्शीद अहमद उर्फ राजू ने उसे दिया था। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। जज ने सुनवाई के बाद एस्सार अहमद को जाली नोट रख्नने के जुर्म में दोषी करार दिया। वहीं खुुर्शीद अहमद को बरी कर दिया गया।