विक्रमजोत। कस्बे में खाली पड़ी सार्वजनिक जमीन पर निर्माण की सूचना पर पहुंचे दूसरे पक्ष से जमकर मारपीट हुई। संघर्ष में आधा दर्जन से अधिक घायल हुए हैं। मामला रविवार की सुबह करीब 10 बजे का है। पुलिस ने व्यापारी नेता समेत छह को हिरासत में लिया है। नेेता को छुड़ाने के लिए समर्थकों ने हाइवे जाम करने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई। इसके बाद समर्थक भागे।
कस्बे के रामविलास सोनी के घर से सटी खाली जमीन है। सुबह 10 बजे के करीब राम विलास निर्माण कार्य शुरू कराया, तो दूसरे पक्ष ने सार्वजनिक भूमि कहकर निर्माण का विरोध शुरू कर दिया। कहासुनी होते-होते मामला मारपीट में तब्दील हो गया। एक दूसरे पर हमला बोल दिए। मारपीट में दोनों पक्षों से महिलाएं भी शामिल हो गईं। इसमें छह लोग घायल हुए है। घायलों में राम विलास सोनी, बेटा विपिन तथा दूसरे पक्ष के राकेश सोनी, विजय कुमार सोनी, संदीप, गोलू, श्रीप्रकाश है। सबको काफी चोटें आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने अभिरक्षा में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां इलाज हुआ। थानाध्यक्ष महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है। एक पक्ष के रामविलास सोनी, विपिन, दिनेश, रजत पर और दूसरे तरफ के राकेश, संदीप, गोलू, श्रीप्रकाश, विजय प्रकाश के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
सार्वजनिक जमीन पर कब्जे पर भड़के लोग
सार्वजनिक जमीन पर रामलीला आदि का आयोजन होता है। उसी पर निर्माण व कब्जे की सूचना पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस चौकी प्रभारी जयप्रकाश दुबे की मिलीभगत से निर्माण कार्य करने का आरोप लगाने लगे। नारेबाजी करते हुए दूसरे पक्ष को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग भी किए। विवाद की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष छावनी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी ने दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लेकर थाने चले गए। जिसमें एक व्यापारी नेता राकेश सोनी भी थे। व्यापारी नेता को छुड़ाने के लिए सैकड़ों की संख्या में व्यापारी बाजार की दुकानें बंद कराने लगे। मामले को बढ़ता देख परशुरामपुर और छावनी थाना की पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो भीड़ फोरलेन पर पहुंच गई और जाम लगाकर विक्रमजोत व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश सोनी को रिहा करने की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगाें का कहना था कि दो पक्षों के विवाद में अध्यक्ष का कोई हाथ नहीं। राजनीतिक दबाव के चलते गिरफ्तार किया गया। थोड़ी देर बाद सीओ हर्रैया गौरव त्रिपाठी भी पहुंचे। व्यापारियों के साथ घटना स्थल तक गए और विवादित जमीन के बारे पूछताछ की। व्यापारी तुरंत निपटारे पर अड़े रहे। दोपहर बाद करीब तीन बजे एसडीएम हर्रैया दिनेश कुमार भी पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस चौकी पर दी दोनों पक्षों को बुलाकर लेखपाल कानूनगो की उपस्थिति में मामले से जुड़े कागजातों की जांच कराई गई। मौके पर यथास्थिति बहाल रखने का निर्देश दिया। साथ ही मारपीट में शामिल दोनों पक्षों के आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई का निर्देश देकर चले गए।
डीह की जमीन है: एसडीएम
हर्रैया एसडीएम दिनेश कुमार का कहना हैं कि विवादित स्थल काफी समय से खाली पड़ा है। यह डीह आबादी की जमीन है। दोनों पक्षों को कागजात के साथ बुलाया गया है। जांच पड़ताल के बाद निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल स्थल पर यथास्थिति बहाल रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस पर आरोप निराधार: सीओ
स्थानीय लोगों की ओर से पुलिस पर मिली भगत से निर्माण के आरोप को सीओ गौरव त्रिपाठी ने खारिज किया है। सीओ ने कहा कि आरोप निराधार हैं। पहले हर्रैया विधायक ने भी दोनों पक्षों की पंचायत कराई थी। कस्बे में कानून व्यवस्था का कड़ाई के साथ पालन हो रहा है। मारपीट में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जमीन का मामला राजस्व का है, जो निर्णय होगा उसका कड़ाई से पालन होगा।