महराजगंज(बस्ती)। कप्तानगंज थाने के त्रिमोहनी घाट पर स्थित यूकेलिप्टस सूखा का पेड़ अचानक गिरने से 45 वर्षीय मजदूर उसके नीचे दब गया। आनन-फानन में उसे लकड़ी के नीचे से निकालकर लोग सीएचसी कप्तानगंज ले गए। हालत काबू से बाहर होते देख जिला अस्पताल ले जाने लगे लेकिन रास्ते में दम तोड़ दिया।
कप्तानगंज थाने के छपिया गांव के शिव शंकर मौर्या का गांव के दक्षिण त्रिमोहानी घाट पर यूकेलिपटस का पेड़ सूख गया था। मंगलवार को उसे काटने के लिए गांव के राम चरन एक अन्य को लेकर पहुंचा। सुबह 10 बजे तक जब आधा पेड़ कट गया तो राम चरन रस्सी बांधने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। वह रस्सी बांध ही रहा था कि अचानक पेड़ गिर गया। पेड़ के साथ राम चरन भी जमीन पर गिरा और लकड़ी के नीचे दब गया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक बेहद गरीब था। एसओ बृजेश यादव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा गया है।
मानो आ गई थी मौत
राम चरन ने पेड़ गिराने का जो तरीका इस्तेमाल करते हुए जान गंवा बैठा,वैसा पेड़ काटने वाले सभी मजदूर करते हैं। खासकर यूकेलिप्टस काटने वाले एक तिहाई काटकर ही रस्से से खींचकर बड़ा से बड़ा पेड़ गिरा लेते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से वह रस्सी बांधते समय हादसे का शिकार हो गया। साथ काम कर रहे मजदूर बताते हैं कि धूप काफी तेज थी, इसलिए वह जल्दी से पेड़ गिराने की कोशिश में जल्दबाजी कर बैठा। तेज हवा ने भी इसमें विपरीत भूमिका निभाई।
गृहस्थी अधर में
परिवार में पत्नी के उर्मिला देवी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। बच्चों में बड़ा बेटा सूरज 15 साल का है। गरीबी के चलते वह एक दुकान पर बाइक बनाने का काम सीख रहा था। दूसरा 13 वर्षीय बेटा नीरज और सबसे छोटा आठ वर्षीय धीरज पिता की मौत से बेसहारा हो गए। इस परिवार का गुजारा कैसे होगा इसे लेकर लोग चिंतित दिखे।