बस्ती। बभनान स्थित पीडीएस गोदाम पर करोड़ों के खाद्यान्न गायब होने का मामले का दाग अभी नहीं मिट सका है। इस बीच एक बार फिर यह गोदाम सुर्खियों में आ गया है। यहां लाखों के गुणवत्तायुक्त चावल को बेच कर उसके स्थान पर खराब चावल रख दिया गया। शिकायत पर डीएसओ और डिप्टी आरएमओ ने जांच की तो पुष्टि हो गई। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए आरएफसी ने शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
उक्त क्षेत्र से जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र को यह शिकायत मिली कि गौर के बभनान स्थित पीडीएस गोदाम से जो चावल गरीबों के लिए दिया जा रहा है, वह खाने योग्य नहीं है। शिकायत के बाद डीएसओ और डिप्टी आरएमओ ने 31 मई को उक्त गोदाम पर छापा मारा। यहां अभिलेखों में जहां तमाम खामियां पाईं गईं, वहीं, गोदाम में मौजूद खराब चावल भी बरामद हुआ। गोदाम प्रभारी ने इसे एफसीआई से होना बताया। टीम ने इसका नमूना भरा और जांच के लिए एफसीआई को भेजा। वहां जांच के बाद एफसीआई ने नमूना इस चावल की आपूर्ति से इंकार कर दिया। मामले में संभागीय खाद्य नियंत्रक को स्थिति से अवगत कराया गया। उन्होंने डिप्टी आरएमओ को मामले की जांच सौंपी और रिपोर्ट मांगी। डिप्टी आरएमओ की रिपोर्ट में यह तथ्य उभर कर सामने आया कि पीडीएस गोदाम से गुणवत्तायुक्त चावल को बेच दिया गया, जबकि इसके स्थान पर खराब चावल रख दिया गया, जो खाने योग्य है ही नहीं। संभागीय खाद्य नियंत्रण श्रीप्रकाश मिश्र ने बताया कि डिप्टी आरएमओ और डीएसओ के छापा में तथ्य उजागर हुआ था, जिसकी जांच बाद में डिप्टी आरएमओ से कराई गई। जांच में यह सामने आया कि गोदाम में खराब चावल रखकर गुणवत्तायुक्त चावल बेच दिया गया। इन स्थितियों को संज्ञान में लेते हुए शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। संबंधित गोदाम प्रभारी को हटा दिया गया है।