परशुरामपुर (बस्ती)। पुलिस ने धुरदा गांव के 10 वर्षीय राहुल हत्याकांड की पुलिस ने गुत्थी सुलझा लेने का दावा किया है। हत्यारोपी पिता राकेश ने कबूला कि उसने ही बेटे को पढ़ाई के लिए पीटा और सीने पर पैर रखकर दबा दिया, जिससे उसके सीने की हड्डी टूटकर फेफड़े में जा घुसी थी। इसी वजह से उसने दम तोड़ दिया।
पिता के अनुसार राहुल पढ़ाई से जी चुराकर मोबाइल में मशगूल रहता था। उसका स्वभाव जिद्दी होता जा रहा था। कई बार मारने-पीटने के बावजूद सुधार नहीं आया। घटना के 2-3 दिन पहले से खाना-पीना बन्द था। 12 जुलाई को घटना के दिन राहुल दोपहर के समय स्कूल से लौटा। डॉ. अरविन्द की दुकान पर बैठ कर गेम खेलने लगा। कई बार बुलाने पर भी वह घर पर नहीं आया। गुस्से में पिता पहुंचा और उसे पकड़कर घर ले गया। 2-3 थप्पड़ मारने पर वह गिर गया। बाप ने उसी तैश में अपना दाहिना घुटना सीने पर रख कर दबा दिया। उसकी मृत्यु होने के बाद लाश वह खुद छत पर ले जाकर लुंगी से बांधकर पाइप से लटका दिया। ताकि वह लोगों को आत्महत्या दिखाकर गुमराह कर सके। पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार इसमें सौतेली मां पर भी शक जाहिर किया गया था। लेकिन फिलहाल उसकी भूमिका नगण्य पाई गई। प्रभारी निरीक्षक रमेश के अलावा एसआई राम वशिष्ट, कांस्टेबल पंकज शाही, कांस्टेबल जय प्रकाश, महिला कांस्टेबल राजकुमारी त्रिपाठी इस वर्कआउट में शामिल रहीं।