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परीक्षकों ने किया मूल्यांकन का बहिष्कार

Sat, 02 Apr 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का विरोध करते शिक्षक। - फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। परीक्षकों की कमी के चलते भौतिक विज्ञान विषय की कापियों के मूल्यांकन को लेकर माथापच्ची अभी चल ही रही थी कि शनिवार को रसायन शास्त्र के परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। बकाया पारिश्रमिक भुगतान के लिए आए 27 लाख रुपये लौटाने से गुस्साए ‌परीक्षकों ने नारेबाजी कर मूल्यांकन का ब‌हिष्का‍र कर ‌दिया।
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पिछले साल के पारिश्रमिक भुगतान के लिए आए 27 लाख रुपये लौटा दिए जाने से नाराज परीक्षकों ने प्रशासन और डीआईओएस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उसके बाद मूल्यांकन के बहिष्कार की घोषणा कर कोठार से जांचने के लिए ली गईं कापियां भी वापस कर दी। परीक्षकों का आरोप था कि डीआईओएस की लापरवाही से मूल्यांकन के बकाए का भुगतान करने के लिए आए 27 लाख रुपये मार्च के अंतिम दिनों में शासन को वापस चला गया। हालांकि बाद में डीआईओएस डॉक्टर राजेश कुमार आर्य खुद बहिष्कार करने वालों को मनाने के लिए गए, मगर तब तक परीक्षक विद्यालय से जा चुके थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में जो परीक्षक मिले उन्हें पूरा आश्वासन दिया गया कि 15 दिन में रकम को हरहाल में वापस लाया जाएगा और बकाए का भुगतान कर दिया जाएगा। 

शनिवार को रसायन शास्त्र विषय के परीक्षक अन्य दिनों की भांति कापियों का मूल्यांकन के लिए राजकीय गर्ल्स इंटर कालेज पहुंचे तो उन्हें पता चला कि डीआईओएस की लापरवाही के चलते बीते वर्ष के बकाए पारिश्रमिक के भुगतान के लिए आए लगभग 27 लाख रुपये विभाग को वापस चला। इस बीच कुछ परीक्षक मूल्यांकन के लिए कापियां ले भी चुके थे, मगर जैसे ही उन्हें धन वापस जाने की खबर लगी, उन्होंने कापियों को बिना जांचे वापस कर दिया। 
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परीक्षकों की भीड़ जब बढ़ गई तो परीक्षक बैजनाथ मिश्र की अगुवाई में नारेबाजी करने लगे। इसके चलते काफी समय तक विद्यालय का माहौल गर्म रहा। जिस समय धरना प्रदर्शन हो रहा था, उस समय डीआईओएस बैठक में हिस्सा ले रहे थे। जैसे ही उन्हें बहिष्कार का पता चला, वह बैठक बीच में ही छोड़कर स्थल पर पहुंच गए। तब तक बहिष्कार करने वाले विद्यालय से बाहर जा चुके थे। उसके बाद डीआईओएस राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचे। जहां पर फिजिक्स विषय के परीक्षक न होने के कारण मूल्यांकन कार्य बाधित रहा। धरने की

अगुवाई कर रहे बैजनाथ मिश्र ने बताया कि रविवार से माध्यमिक शिक्षक संघ भी उनके समर्थन में आ रहा है। बताया कि रविवार से चारों केंद्रों पर चले रहे मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कराया जाएगा। इसके लिए रणनीति बन चुकी है। बताया कि जब तक डीआईओएस को दंडित नहीं किया जाता और बकाए का भुगतान नहीं कर दिया जाता और इस वर्ष के मूल्यांकन की समय सीमा नहीं निर्धारित कर दी जाती, मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।

इस मौके पर प्रवीन दुबे, पवन त्रिपाठी, वेदप्रकाश वर्मा, श्रीराज शुक्ल, प्रमोद कुमार, राघवेंद्र प्रताप, रवि प्रकाश शुक्ल, इंद्रभान, अविनाश ओझा, अंकित मिश्र, पल्वी सिंह, फूलराम वर्मा, अर्जुन सिंह, पुनीत श्रीवास्तव, बूजभूषण त्रिपाठी, प्रमोद तिवारी, डॉक्टर अनिल कुमार, दिनेश चौधरी, मगफूर अहमद, विनय प्रभाकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। 

एक लाख 31 कापियों की जांच पूरी
सक्सेरिया स्कूल के मूल्यांकन प्रभारी उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार  को 15083 कापियों का मूल्यांकन हुआ। अब तक कुल 41413 कापियों का मूल्यांकन हो चुका है। श्रीकृष्ण पांडेय  इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी योगेश शुक्ल ने बताया कि 9100 कापियों का  मूल्यांकन हुआ। कुल 23100 का मूल्यांकन हो चुका। राजकीय इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी हरिनंदन  यादव ने बताया कि शनिवार को 17512 कापियों का मूल्याकंन हुआ। कुल 35785 कापियों की जांच हो चुकी है। इसी तरह राजकीय गर्ल्स इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन के चौथे दिन शनिवार को 12000 कापियों का मूल्यांकन हुआ। इस तरह अब तक कुल 31000 कापियों का मूल्यांकन हो चुका है। 

फिजिक्स का संकट बरकरार
राजकीय इंटर कालेज में चल रहे इंटर के फिजिक्स विषय का मूल्यांकन चल रहा है। यहां पर कुल 53634 कापियों का मूल्यांकन होना है, इसके लिए बोर्ड की ओर से सौ परीक्षक की तैनाती की गई, मगर शनिवार तक मात्र 40 परीक्षक ही मिले। जिसके चलते मूल्यांकन कार्य शनिवार को भी प्रभावित रहा। मात्र 2036 कापी ही जांची गई है। 

गृह विज्ञान के परीक्षक भी कम
इसी विद्यालय में इंटर के गृह विज्ञान के कापियों का भी मूल्यांकन चल रहा है। 21000 कापियों का मूल्यांकन होना है, इसके लिए बोर्ड से 55 परीक्षकों की तैनाती की गई, जिसमें अभी तक मात्र 17 ही परीक्षक उपस्थित हुए। 
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