अवैध शराब बनाने वालों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- फोटो : रमेश मिश्र
बस्ती। फुटहिया चौकी के पास जिस नकली शराब बनाने के कारखाने का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है, वह गोरखपुर के बहुचर्चित जायसवाल गैंग का था। डेढ़ वर्ष पहले पुरानी बस्ती के चैनपुरवा में उसी माल पकड़ा गया था। उसके इस अड्डे पर बनी शराब लाइसेंसी दुकानों पर सप्लाई की जाती थी।
यूरिया, नौसादर और अल्कोहल मिलाकर बनाई जा रही इसी तरह की शराब जहरीली होती है, जिसे पीने से लोगों की मौत हो जाती है। इस गैंग के लोग बाकायदा गत्ते में भरकर उसे असली शराब की तरह पैक करके सप्लाई करते थे। गिरफ्त में आए गिरोह के इन सात सदस्यों के अलावा भी कई अन्य शामिल हैं। उनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
एसपी कृपाशंकर सिंह ने रविवार को पुलिस लाइंस में प्रेसवार्ता केे दौरान इस पूरे प्रकरण की जानकारी दी। एसपी के अनुसार स्वाट के अलावा थाने की टीम ने फुटहिया चौकी के पास स्थित एक टेंट हाउस के गोदाम में छापेमारी करके उसमें रखा ड्रम बरामद किया, जिसमें अल्कोहल भले हुए थे। यूरिया, नौसादर आदि भी बरामद किए गए।
गिरफ्तार अभियुक्तों में रवि कुुमार निवासी गंगापुर, संदीप तिवारी निवासी गदहाखोर, मरवटिया निवासी अजीत उर्फ पप्पू, कन्हैया उर्फ दीनूू, राम सरन निवासी बासगांव के अलावा गोरखपुर के रहने वाले अर्जुन जायसवाल और हीरा चौहान शामिल हैं। स्वाट टीम प्रभारी सर्वेश राय, एसओ नगर कपिल मुनि सिंह के अलावा आनंद यादव, आदित्य पांडेय, मनींद्र चंद, सदानंद यादव, अरविंद यादव समेत टीम में शामिल रहे अन्य सदस्यों को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने का ऐलान किया है।