बस्ती। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ दीपक शुक्ला के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के
मामले में नगर थाने के बेलाड़ी गांव निवासी पूर्व विधायक के पुत्र और चार
अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लेने के बाद डॉक्टरों ने कार्रवाई के
लिए पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
इसके बाद हड़ताल पर
जाने की चेतावनी दी है। रविवार को एएसपी ने डॉक्टरों से मुलाकात की और
उन्हें पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिया। वहीं दूसरी ओर मरीज की पत्नी ने
शिकायती पत्र देकर डॉक्टर पर रुपये लेने के बाद भी इलाज में कोताही बरतने
का आरोप लगाया है।
बता दें कि शनिवार देर शाम अपने साथियों के साथ
पहुंचे पूर्व विधायक के पुत्र ने ईएमओ डॉ दीपक शुक्ला के साथ मारपीट और
तोड़फोड़ की थी। इससे नाराज डॉक्टर और नर्सों ने इमरजेंसी में चिकित्सा
सेवा ठप कर दी। बाद में प्रमुख अधीक्षक सहित अन्य डॉक्टरों और कोतवाली
पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया था।
डॉ दीपक शुक्ला की
तहरीर पर पुलिस ने नागेश सिंह व उनके चार साथियों पर एक राय होकर वादी का
कालर पकड़कर शर्ट फाड़ देना तथा गाली व धमकी जान माल की देते हुए सरकारी
कार्य में बाधा डालना व कुर्सी व अन्य सामान तोड़ देने का मुकदमा पंजीकृत
किया है।
मामले में डॉक्टरों ने 48 घंटे के भीतर कठोर कार्रवाई न
होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। डॉ दीपक शुक्ला, डॉ सीबीएन
त्रिपाठी, पीएमएस के जिला मंत्री डॉ वीके यादव आदि डॉक्टरों ने कहा कि अगर
48 घंटे के अंदर आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग हड़ताल
पर चले जाएंगे। क्योंकि जब डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो मरीजों की
जान की सुरक्षा कैसे होगी।
इसकी जानकारी मिलते ही रविवार को एएसपी
रोहित मिश्रा ने प्रमुख अधीक्षक सहित अन्य डॉक्टरों से मुलाकात की और
आरोपियों के खिलाफ हर हाल में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। साथ ही
इमरजेंसी के बाहर सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने की बात कही। प्रमुख
अधीक्षक डॉ आरकेश ने बताया कि बातचीत हुई है। लेकिन पुलिस को हर हाल में
कार्रवाई करनी होगी।
वहीं दूसरी ओर हर्रैया थाने के खम्हरिया गांव
निवासिनी रीता सिंह ने मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों और कोतवाली पुलिस
को पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके पति अमित कुमार सिंह पेट में दर्द की
शिकायत पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने गए थे।
ईएमओ
डॉ दीपक शुक्ला ने रुपये लेकर भर्ती किया। थोड़ी देर बाद उल्टी होने ल गी
तो दोबारा देखने की बात कहने पर फिर रुपये मांगा। मना करने पर मरीज को बाहर
कर दिया। इस समय उनको ओपेक कैली में भर्ती कराया गया है। कार्रवाई की मांग
की।
हालांकि मामले में डॉक्टर दीपक शुक्ला ने कहा कि सारी बातें
बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। अगर ऐसी बात है तो अस्पताल के अन्य स्टाफ से
पूछताछ कर जांच करा ली जाए, सारी हकीकत सामने आ जाएगी। यह दबाव बनाने के
लिए किया जा रहा है। शहर कोतवाल ने कहा कि शिकायत की छानबीन की जाएगी।
सीएमओ
डॉ जेपी सिंह ने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा अगर नहीं होगी तो इलाज में
बाधा आएगी। अगर किसी को कोई शिकायत होती है तो सक्षम अधिकारी से करे, जांच
कराई जाती। मारपीट करना अपराध है।