बस्ती। भारतीय किसान यूनियन ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और आपदा राहत का चेक वितरण आदि 12 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को डीएम कार्यालय परिसर में किसान पंचायत लगाई। देर शाम तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए भाकियू नेताओं ने मांगों के संबंध में स्पष्ट आदेश होने तक किसान पंचायत जारी रखने की घोषणा कर दी।
भाकियू जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी ने किसान पंचायत में कहा कि गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये चीनी मिलों पर बाकी है। क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीदारी ठप है। अधिकांश किसानों तक आपदा राहत का चेक अभी तक नहीं पहुंचा। सड़क, बिजली, सिंचाई के साधन और भाकियू नेताओं की उपेक्षा व उत्पीड़न के सवाल पर किसान पंचायत अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी।
किसान पंचायत को मंडल उपाध्यक्ष दीवान चंद पटेल, महासचिव शोभाराम ठाकुर, डॉ.आरपी चौधरी, रामनवल किसान, रामचंद्र सिंह, जयराम वर्मा, चंद्र प्रकाश चौधरी, बंधु चौधरी, हरिराम चौधरी, फूलचंद्र, कन्हैया किसान, श्याम नरायन सिंह, ओम प्रकाश तिवारी, रामतीरथ निषाद, गनीराम चौधरी आदि ने संबोधित किया। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। एक ओर तो प्रदेश सरकार दावा कर रही है कि गन्ना बकाए का शत-प्रतिशत भुगतान हो गया। यदि भुगतान हुआ होता तो किसान धरना क्यों देते? भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों को केवल झूठा आश्वासन मिल रहा है। बदलते मौसम ने खेती का समीकरण बिगाड़ दिया है, किंतु सरकारें चुप्पी साधे हैं। चेतावनी दी कि जब तक मांगों के संबंध में स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, किसान पंचायत जारी रहेगी।
किसान पंचायत के प्रथम दिन शिवशंकर पांडेय, रामचरित्र चौधरी, हृदयराम यादव, मुर्तजा, रामचंद्र चौधरी, सन्नू उर्फ पहलवान चौधरी, हरि प्रसाद किसान, रामनयन किसान, रामनरेश, पंचम मौर्य, प्रेमलता चौधरी, रामकल्प चौधरी, राम सुरेमन आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।