बस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशिक्षण के नाम पर शिक्षाधिकारियों ने किया गोलमाल किया है। नौ दिन के प्रशिक्षण को छह दिन में निपटा कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। यही नहीं प्रशिक्षण में आए शिक्षकों को भोजन की जगह नाश्ता दिया गया। और तो और शिक्षकों को उनका अनुमन्य यात्रा भत्ता भी अधिकारियों ने देने के बजाय खुद बंदरबांट कर ली। इसे लेकर शिक्षक नेता उदय शंकर शुक्ल ने आवाज उठाई है। बीएसए व एडी बेसिक के कानों तक यह बात पहुंचा कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सर्व शिक्षा अभियान की ओर से ग्रेडेड लर्निंग और पढ़े भारत, बढ़े भारत के प्रशिक्षण के लिए जिले के पांच हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण देेने के निर्देश हुए। इसे फरवरी में तीन चरणों में सभी ब्लॉकों के बीआरसी पर प्रशिक्षण कराया गया। इसमे नौ दिन का प्रशिक्षण होना था। बच्चों को बेहतर शिक्षा और नए पाठ्यक्रम की जानकारी के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। इस योजना पर बजट में प्रत्येक शिक्षक पर दो सौ रुपये खर्च करने के लिए भी शासन ने दिया। इसमें शिक्षकों का भोजन, नाश्ता व यात्रा भत्ता शामिल था। पांच हजार शिक्षकों के लिए सभी बीईओ के खाते में अलग-अलग 90 लाख रुपये अवमुक्त हो गए। प्रशिक्षण पूरा हो गया, मगर इस प्रशिक्षण में अब सवाल उठने लगे हैं। शिक्षक नेता ने इस मामले को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते हुए बीईओ पर प्रशिक्षण के नाम पर रुपयों के गोलमाल का आरोप लगाया है। आरोप लगाया है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को नाश्ता तो दिया गया मगर न भोजन मिला और न यात्रा भत्ता। इस धन की बंदरबांट अधिकारियों ने मिलीभगत से कर ली। भत्ता व भोजन न मिलने के कारण कई शिक्षक प्रशिक्षण को बीच में ही छ़ोड़ दिए। शिक्षक नेता ने इस मामले में अधिकारियों को 19 मई तक भुगतान करने का समय दिया है। चेतावनी दी है कि यदि ऐसा न हुआ तो 20 मई से बीएसए कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। एडी बेसिक डॉ. एसपी त्रिपाठी ने कहा कि मामला संज्ञान में है। सभी बीईओ को नोटिस भेजा जा रहा है। दोषी बख्शे नहीं जाएंगें।