नगर बाजार/बस्ती। फुटहिया के निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास शनिवार रात बारातियों की बोलेरो ट्रक की चपेट में आ गई। इसमें एक बालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन को मामूली चोटें आई है। बोलेरो चालक बालक को जिला अस्पताल में लावारिस छोड़कर फरार हो गया।
नगर बाजार के संतोष पुत्र राम सुमेर का विवाह था। शनिवार को बारात कोतवाली थाना क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा निवासी राम चंदर के घर जा रही थी। कुछ बाराती बोलेरो से देर रात शादी में पहुंचने के लिए निकले। अभी लोग फुटहिया के निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास पहुंचे ही थे कि बोलेरो एक खड़ी ट्रक की चपेट में आ गई। बोलेरो में बैठे संदीप (17) पुत्र शंकर की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जबकि गुड्डू (17) पुत्र अनिल, विनोद पुत्र टासी (18) और अखिलेश पुत्र राजकुमार हल्की चोटें आई। घटना की जानकारी पर परिजन पहुंचे और घायलों को निजी अस्पताल ले गए। जबकि बोलेरो चालक मृतक संदीप को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा और लावारिस हाल में शव को छोड़कर भाग निकला।
चालक नहीं रोक रहा था बोलेरो
दुर्घटना में घायल गुड्डू, विनोद और अखिलेश ने बताया कि दुर्घटना के बाद भी बोलेरो चालक वाहन नहीं रोक रहा था। किसी तरह हम लोग कूदकर अपनी जान बचा सके। बताया कि ट्रक में पीछे से टक्कर होने पर बोलेरो का शीशा टूटकर आंख और सिर में जा लगा। इसके कारण हम लोग घायल हो गए। जबकि बोलेरो के दरवाजे पर बैठे संदीप के सिर में ट्रक से गंभीर चोट लगी जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं परिवार के लोग संदीप को ढूढ़ते हुए जिला अस्पताल पहुंचे तो लावारिस में नाम दर्ज होने पर रात में ही हंगामा करने लगे। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद चालक के खिलाफ शिकायत की जाएगी।
नाचते गाते निकला था संदीप
नगर बाजार। कस्बे को 17 वर्षीय संदीप हंसमुख स्वभाव का था। गांव से बारात जा रही थी जिसकी तैयारी पहले से कर रखी थी। बारात निकलते समय जमकर डांस किया। उसके कुछ समय बाद घर में मौत की सूचना पहुंची तो कोहराम मच गया। संदीप अपने भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। परिवार में सबसे बड़ा भाई अनिल है, जिसके बाद बहन सीमा। बहन की शादी हो चुकी है। उसके बाद मृतक संदीप और सबसे छोटा भाई प्रदीप है। पिता शंकर ने बताया कि संदीप घर से बारात जाने के लिए खुशी-खुशी निकला लेकिन बारात में पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना हैं कि फोन पर सूचना मिलने पर संदीप की मौत का यकीन नहीं हो रहा था। मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।