संपत्ति विवाद में सौतेली मां और बाप को मौत के घाट उतारे जाने की चर्चा रविवार को दिन भर रही। शुक्रवार की रात लोमहर्षक घटना से महूघाट गांव के लोग स्तब्ध हैं। वहीं, बड़े बेटे ने दोनों को मुखाग्नि देकर अपना कर्तव्य निभाया।
हृदयराम और उसके परिजनों को नजदीक से जानने वालों का मानना है कि जब से हृदयराम दूसरी पत्नी सुनीता के साथ रहने लगा तभी से परिवार में खटपट शुरू हो गई। हृदयराम के बड़े बेटे राम जतन का कहना है कि आएदिन वह परिवार के सदस्यों को जमीन जायदाद से बेदखल करने की धमकी देते रहते थे। यहां तक कि कई बार घर में ताला बंद कर महिलाओं से भाग जाने को कहने पर विवाद भी हुआ मगर हर बार सभी को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। शुक्रवार को हुई घटना के बारे में कहा कि शायद वह घर पर रहता तो बात इतनी आगे न बढ़ती। वहीं, गांव के रहने वाले सुरेश, दिलीप ने बताया कि हृदयराम के व्यवहार में आए बदलाव और रोज की किचकिच से आजिज तथा संपत्ति हाथ से निकल जाने के भय से बेटों ने इतना बड़ा कदम उठाया। रविवार को घर पर रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा। हर कोई घटना से हतप्रभ है। जबकि शनिवार रात पोस्टमार्टम के बाद बड़े बेटे राम जतन ने कुआनो नदी के घाट पर ही अलग-अलग चिताओं पर मुखाग्नि दी।
शुक्रवार को महूघाट निवासी हृदयराम और उनकी दूसरी पत्नी सुनीता की पहली पत्नी के दो पुत्रों ने कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राजेंद्र और राजेश ने खुद ही थाने पर जाकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को घर के आंगन से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शनिवार को ही दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया था।