ट्रक लूटने वाले गैंग के सदस्य पिछले नौ वर्ष से वाहन चोरी व ट्रक लूट की घटना को अंजाम दे रहे हैं। गैंग के गिरफ्तार सदस्यों में से केवल परवेज ही नया बताया गया है।
बस्ती के एएसपी रोहित मिश्र के अनुसार ट्रक लूट और चोरी की घटना को अंजाम देने वाला पहला गैंग प्रतापगढ़ जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बरिस्ता गांव निवासी जावेद का था। जो इस समय जेल में बंद है। जावेद के जेल में जाने के बाद वाहन चोरी के तकरीबन 10 गैंग बन गए है। प्रत्येक गैंग में आठ से दस सदस्य शामिल हैं। इन्हीं गैंग में से एक सरवर अली का गैंग है जो रविवार रात पुलिस की गिरफ्त में आ गया। गैंग का मुखिया सरवर अली पहली बार 2007 में प्रतापगढ़ कोतवाली से ट्रक चोरी के आरोप में जेल गया।
जबकि उसका दूसरा साथी आशिक अली 2013 में सुल्तानपुर के कूरेभार थाने से कार चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गैंग के तीसरे साथी दिलशाद को एसटीएफ ने फरवरी 2016 में प्रतापगढ़ से दो लाख रुपये के लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। वह हाल ही में जेल से बाहर आया है। इसके अलावा लूट के ट्रकों को खरीदने के आरोप में पकड़ा गया शकील रायबरेली जिले के नसीराबाद थाने से गैंगेस्टर और ट्रक चोरी के मामले में वांछित है।