दीपावली से भैय्यादूज तक मनाए जाने वाले त्योहारों के लिए स्थानीय प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। रात 10 बजे के बाद न तो पटाखे बेचे जा सकते हैं और न ही जलाए जा सकते हैं। पर्व पर शांति और सुरक्षा के लिए तहसीलदार से लेकर लेखपाल तक की ड्यूटी लगाई गई है।
पटाखों की ब्रिकी और उसे जलाने को लेकर निर्धारित समय का पालन कराने के लिए ज्वांइट मजिस्ट्रेट अमनदीप डुली ने तहसील क्षेत्र के सोनहा, वाल्टरगंज, रुधौली व गौर के सभी थानाध्यक्षों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि पटाखों की दुकानों को रात 10 बजे के बाद प्रत्येक दशा में बंद करा दिया जाए और न ही लोगों के पटाखे ही जलाए जाएं। साथ ही बिक्री स्थल पर किसी दुर्घटना से बचाव के लिए अग्निशमन की समुचित व्यवस्था की जाए। जिससे लोग शांतिपूर्वक त्योहार मना सकें। शांति व्यवस्था के लिए तहसीलदार को जिम्मेदारी दी गई है। राजस्व निरीक्षक सोनहा, सल्टौआ, सगरा, नरखोरिया को उनके क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। लेखपालों को अपने तैनाती हलका क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिए गए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा है कि सभी अधिकारी कर्मचारी किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल उनके सीयूजी 9454415905 पर दें। साथ ही लक्ष्मी/गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन भी कराएंगे।
बालू और पानी हर स्टॉल पर जरूरी
भानपुर। पटाखा विक्रेता आबादी के बीच, घर में, सड़क के किनारे 10 मीटर की दूरी तक। बिजली के तार के नीचे दुकान नहीं लगा सकेंगे। पटाखा विक्रेता को हर स्टॉल के लिए दो बाल्टी पानी और दो बाल्टी बालू रखनी होगी। ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इन निर्देशों का पालन कराने के लिए ज्वांइट मजिस्ट्रेट ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है।