बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पुंडीर ने तिहरे हत्याकांड में आरोपी तीन भाइयों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। करीब साढ़े चार साल फरारी के बाद क्राइम ब्रांच के प्रभारी ने तीनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया था। तीनों न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।
अभियोजन के अनुसार घटना पैकोलिया थानाक्षेत्र के केशवापुर की है। इसकी रिपोर्ट गांव निवासी अनिल कुमार पांडेय ने दर्ज कराई थी। घटनाक्रम के अनुसार 26 सितंबर 2011 को 3.15 बजे वादी मुकदमा अनिल कुमार और उनके भाई पंकज पांडेय और गांव के शिव प्रकाश गांव के बाहर पीसीओ में बैठे रत्नाकर पांडेय से बात कर रहे थे। लगभग 15 मिनट बाद शिव प्रकाश के पिता लालता पांडेय आ गए। वादी लालता पांडेय के साथ गुमटी पर पान खाने चले गए।
इसी बीच दो बाइक पर सवार चार व्यक्ति पहुंचे और बाइक खड़ी करके अंदर चले गए। पंकज पांडेय पर फायरिंग करने लगे। बीच बचाव में शिव प्रकाश पांडेय व रत्नाकर पांडेय को भी गोली लगी। इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई। इस मामले में आरोपी धर्मेंद्र पांडेय, राजीव उर्फ नन्हें और मनीष पांडेय की जमानत की अर्जी दी गई थी। जिसका प्रभारी शासकीय अधिवक्ता जय सिंह ने विरोध किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने तीनों भाइयों की जमानत देने से इनकार कर दिया।
केशवापुर के तिहरे हत्याकांड में जिन तीन अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज हुई,उनकी गिरफ्तारी अलग-अलग दिन हुई थीं। मुख्य अभियुक्त धर्मेंद्र पांडेय को पुलिस ने 21 दिसंबर को गिरफ्तार किया। पांच वर्ष बाद गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी पर 15 हजार इनाम घोषित किया था। इसी क्रम में 27 फरवरी को मनीष और 22 मार्च को राजीव पकड़ा गया। इस केस में शुरू से ही पुलिस के कदम विवाद के घेरे में रहे। मुकामी पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए।
सहअभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज
बस्ती। बहुचर्चित रामवृक्ष हत्याकांड के सहअभियुक्त बबलू उर्फ भूपेंद्र चौरसिया की जमानत अर्जी अदालत ने बुधवार को खारिज कर दी। आरोपी ने अधिवक्ता के जरिए जमानत की अर्जी दी थी। जिसका प्रभारी शासकीय अधिवक्ता जय सिंह ने विरोध किया। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुुमार पुंडीर ने अर्जी खारिज कर दी। गौरतलब है कि 26 मार्च को मुंडेरवा थानाक्षेत्र के बनकसही गांव के मोती हरिजन के खेत में 35 वर्षीय व्यक्ति की लाश मिली थी। जिसकी पहचान रामबृक्ष के रूप में की गई। मृतक का परिवार कोतवाली थानाक्षेत्र के डारीडीहा स्थित ससुराल में रहता था। जबकि वह खुद मुंबई आदि में नौकरी करता था। इसकी हत्या की साजिश उसकी पत्नी सास ने रची। पत्नी ने अपने प्रेमी अैर उसके दोस्त से मिलकर घटना को अंजाम दिलाया। इस प्रकरण में जमानत का प्रयास किया
गया था।