कांटे मार्ग पर खड़ी संदिग्ध कार से गांजा बरामद किया।
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मुंडेरवा। थानाक्षेत्र के कांटे मार्ग पर खड़ी संदिग्ध कार से साढ़े नौ किलोग्राम गांजा बरामद किया। दो व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया है। जिनमें पुलिस एक कैरियर तो दूसरे को खपत करने वाला बता रही है। पुलिस का कहना है कि अंबेडकरनगर के बसखारी से यह लोग माल लाकर इधर-उधर कस्बों में सप्लाई करते हैं। कई बार जाल बिछाने के बावजूद पुलिस उसे पकड़ पाने में नाकाम रही।
एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि थानाध्यक्ष मुंडेरवा प्रदीप सिंह को जरिए मुखबिर सूचना मिली कि कांटे मार्ग पर संदिग्ध हालत में कार खड़ी है। पुलिस टीम पहुंची और जब कार घेरकर अंदर देखा तो उसमें दो व्यक्ति सवार थे, जो पुलिस देख छिपने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें पकड़कर जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें गांजे के पैकेट मिले। कार में सवार दोनों युवकों में से एक की पहचान कोतवाली क्षेत्र के कटरा निवासी राजकुमार और दूसरे की बबलू उर्फ दिनेश अग्रहरि निवासी जगदीशपुर थाना मुंडेरवा के रूप में हुई। इन दोनों के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
किसी दूसरे की तलाश में थी पुलिस ः पुलिस को गांजा की खेप आने की सूचना तो मिली थी मगर कैरियर के हाथ से माल आएगा,इसकी उम्मीद नहीं थी। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने बनारस के एक बड़े तस्कर के करीब 50 किलो गांजा लेकर आने की जानकारी थी। उसी हिसाब से जाल भी बिछाए थे।
पान की गुमटी में गांजा बेचता था बबलू ः पुलिस का दावा है कि बबलू मुंडेरवा कस्बे में पान की दुकान करता है। आम शिकायत थी कि पान की आड़ में वह गांजा-भांग बेचता है। बृहस्पतिवार को उसे पकड़ा गया तो इसकी पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि बबलू की दुकान में नशीली गोली भी बिकती थी,जिसके शहर के तमाम युवक नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं।
अमीर बनने के चक्कर में फंसा ः गांजा तस्करी में पकड़ा गया राज कुमार मूल रूप से रानीपुर बेलाड़ी का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस की मानें तो जिसके पिता नौकरी करते हैं जो बाद में कटरा में मकान बनवाकर रहने लगे। बताया जा रहा है कि राजकुमार बीच में ठेकेदारी करने लगा था। मगर जल्दी अमीर बनने के चक्कर में उसने गांजे की तस्करी करना शुरू कर दिया।