बस्ती। जिला कारागार में सजा काट रहे उम्रदराज कैदी की शनिवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। सात जुलाई 2017 को उच्च न्यायालय के आदेश पर जेल में भेजा गया। जेल अधिकारियों का कहना है कि सजायाफ्ता रामप्यारे की उम्र करीब 75 वर्ष थी। शनिवार रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह पौने नौ बजे मौत हो गई।
11 महीने पहले मारपीट के एक मामले में कोतवाली थाना क्षेत्र के पिकौरा निवासी रामप्यारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तफ्तीश के बाद आईपीसी की धारा 325/34 के तहत चार्जशीट लगाई गई। दोष सिद्ध होने पर उच्च न्यायालय ने चार साल की सजा सुनाई। जेलर अनिल कुमार सुधाकर ने बताया कि रविवार सुबह करीब 8:00 बजे बंदी राम प्यारे की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जेलर के मुताबिक सीएमओ स्तर से डॉक्टरों का पैनल गठित कर पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जेल अभिरक्षा में कैदी की मौत के मामले में जेल प्रशासन सकते में है। जेलर के अनुसार मानवाधिकार आयोग, कारागार के उच्चाधिकारियों तथा जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी गई है।
सांस की बीमारी से ग्रसित था बंदी
मृत कैदी रामप्यारे को सांस संबंधी गंभीर बीमारियां थीं। इसमें अल्जाइमर, अस्थमा और काली खांसी आती थी। इसी वजह से उसे आएदिन जेल के बाहर इलाज कराने भेजा जाता रहा। इस बार भी जेल डॉक्टर की सलाह पर तत्काल उसे अभिरक्षा में जिला अस्पताल ले जाया गया।