बीमार उम्र दराज बंदी की मौत
कैंसर पीड़ित की केजीएमसी लखनऊ में चल रहा था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी 70 वर्षीय मोहम्मद वसील पुत्र करीम की रविवार रात जिला अस्पताल में मृत्यु हो गई। कारागार अस्पताल से उसे पिछले दिनों किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमसी) लखनऊ भेजा गया था।
लखनऊ मेडिकल कॉलेज में कुछ दिन इलाज के बाद मोहम्मद वसील को वापस भेज दिया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार वयोवृद्ध बंदी को मुख के कैंसर की आशंका थी। इसका केजीएमसी में बायोप्सी टेस्ट कराया गया था। उस बायोप्सी की रिपोर्ट का इंतजार था, इसी दौरान उसे दोबारा जिला जेल के चिकित्सालय में रखा गया था। रविवार को उसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हुई तो जेल चिकित्सक की सलाह पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान वसील की मौत हो गई। वीडियोग्राफी के बीच चिकित्सकों के पैनल के द्वारा पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जालसाजी व गबन में हुई थी जेल
संतकबीरनगर के दुधारा थाने के मूड़ाडीहा बेग निवासी 70 वर्षीय मोहम्मद वसील को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर जालसाजी व गबन के मामले में 16 मई 2018 को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। इस बीच जीभ में कैंसर की बीमारी सामने आई। आईपीसी की धारा 406, 409 के तहत विचाराधीन बंदी की रविवार रात तबीयत खराब हो गई। जेल की अस्पताल में इलाज के दौरान उसे आराम नहीं मिल रहा था। इस पर जेल अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे जिला हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया था।