ऊषा के खौफ से कांपते थे घर वाले
सोनहा। ढाई वर्ष के मासूम शाहरुख का गला घोंटकर मौत की नींद सुलाने वाली पिपरहिया की ऊषा एकाएक क्रूर नहीं हुई बल्कि वह शुरू से लड़ाका थी। ससुराल वाले उससे आतंकित रहते थे। उसे किसी से भी झगड़ने में संकोच नहीं था। अपनी सास को उसने इतना प्रताड़ित किया कि उसे घर छोड़ कर छोटे बेटे के पास सिद्धार्थनगर जाना पड़ा। शव के पोस्टमार्टम में साबित हो चुका है कि शाहरुख की गला घोंटकर हत्या की गई। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि महिला ने हत्या की बात कबूल कर ली है।
सास फूलमती कहती हैं कि इसने अपनी चार-चार बेटियों की चिंता नहीं की। उसका पति तक घटना की बात सुनकर नहीं आया। सास के अनुसार ससुर के देहांत के बाद ऊषा काफी तंग करने लगी। उसके डर से छोटे बेटे मनोज के साथ गिरधरपुर थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर में मकान बनाकर रहती है। उसके डर से कोई रिश्तेदार नहीं रुकता। यहां तक कि पति भी अपने साथ नहीं ले जाता। ऊषा अपने बच्चों के साथ पिपरहिया में रहती थी। ऊषा के देवर मनोज ने बताया कि भाभी के झगड़ा करते रहने की वजह से पह गिरधरपुर रहता है। सोनहा के एसओ श्रीनाथ यादव का कहना है कि बच्चों को आरोपी की सास की सुपुर्दगी में दिया जाएगा। पिपरहिया गांव के ढाई वर्ष के शाहरुख खान की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पड़ोस की ऊषा पर ईर्ष्या वश हत्या का इल्जाम लगाया गया। पुलिस ने गिरफ्तार करके पूछताछ की तो ऊषा ने कबूल कर लिया कि उसने ही हत्या की।
शाहरुख की मां के चुभने वाले ताने से आहत थी
भानपुर।
नागपंचमी के दिन पिपरहिया की रुखसाना और ऊषा में पहले की तरह फिर झगड़ा होने लगा। पहले जैसे ही दोनों अपशब्दों की बौछार करने लगीं। इसी बीच शाहरुख की मां के मुंह से निकल गया कि ऊषा में बेटा पैदा करने की क्षमता ही नहीं है। कहा कि उसके बेटे भी बड़े होकर ऊषा की बेटियों के साथ भी वही करेंगे, जो पति सलीम ने उसके (ऊषा) के साथ किया। यह बात ऊषा को नागवार गुजरी और उसने उसके बेटे को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
पुलिस की तफ्तीश में पता लगा कि रुखसाना के पति सलीम ने ऊषा के साथ करीब दो साल पहले छेड़छाड़ की थी। तब सलीम दुबौली चौराहे पर दुकान करता था। मगर उस घटना के बाद ऐसा हंगामा हुआ कि उसे बोरिया-बिस्तर बांधकर मुंबई भागना पड़ा। तब भी पुलिस तक प्रकरण पहुंचा था लेकिन दोनों ने सुलह कर लिया। रुखसाना को यह बात खटकती रहती थी कि इसी के कारण उसका पति घर से दूर है।
प्रभारी निरीक्षक श्रीनाथ यादव के मुताबिक ऊषा ने खुद कबूल कि उसने मंगलवार की दोपहर में शाहरुख को खेल कर वापस जाते समय रोका था। टॉफी देने के बहाने उसे अंदर बुलाया और आते ही साड़ी से गला कसकर मार डाला। तख्त के नीचे दिन भर शव छिपाए रखा। रात होने पर प्लास्टिक के बोरे में शव भरकर तालाब में फेंक दिया।