बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश कृपाशंकर शर्मा ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त मन्नान को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर किया। साथ ही उस पर 36 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जिसकी अदायगी न होने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, रुधौली थानाक्षेत्र के एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया कि उसकी 14 वर्षीय बहन को पड़ोस के पटवरिया गांव का अब्दुल मन्नान ने 23 अप्रैल को अगवा कर लिया। इसमें उसके माता-पिता ने भी सहयोग किया। काफी खोजबीन के बाद जब वह नहीं मिला तो पुलिस ने घर वालों पर दबाव बनाना शुरू किया। करीब 10 दिन बाद मन्नान उसे लेकर कहीं जा रहा था। रुधौली-बखिरा रोड पर सामने से पुलिस आती देख वह पीड़ित किशोरी को छोड़कर भाग लिया। पुलिस ने पीड़ित किशोरी को कस्टडी में ले लिया। उसने अदालत में बयान दिया कि मन्नान उसे कई जगह रखा। उस दौरान कई बार उसने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म भी किया।
पुलिस ने मन्नान और उसके माता-पिता के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने पैरवी की। गवाहों के बयान और सबूतों के आलोक में न्यायाधीश ने सजा सुना दी। जबकि उसके माता-पिता को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अर्थदंड का आधा भाग नियमानुसार पीड़ित किशोरी को देने का आदेश दिया।