मानिकचन्द। अज्ञात कारणों से मंगलवार की दोपहर सात झोपड़ियां जलकर राख हो गई। घारी में बंधे दो मवेशी की झुलसने से मौत हो गई जबकि चार की हालत गंभीर है। राजस्व, पशु चिकित्सक और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची।
सल्टोैआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत जोगिया जूड़ी कुईया के डोगरा पुरवा में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे रामभरत चौहान के छप्पर में आग लग गई। शोरगुल पर जब तक गांव के लोग जुटे और बुझाते तब तक तेज हवाओं का साथ मिलने से आग फैल गई। दोनों तरफ से पंपिग सेट चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। तब तक सगे भाई अशोक कुमार, राम भुआल की भी झोपड़ियां जलने लगीं। देखते ही देखते अर्जुन, राजमन, सुखावन, गुड्डू और गूदर की झोपड़ियां आग की जद में आ गईं। इन छप्परों में बांधी गईं छह भैंसें झुलस गईं। इनमें से दो की मौत हो गई। घरेलू सामान गेहूं, भूसा, चारा काटने की मशीन आदि भी जल गए। बाद में पहुंची फायर सर्विस की टीम ने आग पर काबू पाया। घटनास्थल पर डॉक्टरों की टीम पहुंची। डॉ. विजय कुमार श्रीवास्तव प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सल्टौआ, डॉ, विजय प्रकाश गुप्ता पुरैना भी टीम के साथ पहुंचे। झुलसे पशुओं की दवा की लेकिन 70 प्रतिशत जल चुकीं दो भैंसों की मौत हो गई। सूचना पर राजस्व टीम के गिरीशचन्द श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक पुरैना, हरिहर सिंह राजस्व निरीक्षक लक्ष्मणपुर हलका लेखपाल के साथ सतीश चन्द, कृष्ण कुमार आजाद, संजय कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। नुकसान की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है।