उपचार से हाथ खड़ा करने पर खड़ा हुआ हंगामा
10 बजे के बाद शुरू हो सका मासूम का इलाज
महिला पुलिस कर्मी बिना इलाज से खड़ा किया था हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। हैवानियत की शिकार तीन साल की मासूम का इलाज शुरू कराने में कलवारी थानेदार को पसीना छूट गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के डॉक्टर ने बिना महिला पुलिस कर्मी के मरीज को अटेंड करने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस और अस्पताल स्टाफ के बीच हंगामे जैसी स्थिति बन गई थी।
एसओ कलवारी जेपी दुबे के अनुसार बालिका की हालत नाजुक देखकर उसे लेकर अपनी गाड़ी में सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। लिखा-पढ़ी के चक्कर में विवाद खड़ा होने की जानकारी होते ही सीएमओ जेएलएम कुशवाहा और एसआईसी ओपी सिंह पहुंच गए। तब जाकर इलाज शुरू हो सका। हालांकि, बालरोग सर्जन की उपलब्धता न होने के कारण शुरुआती इलाज के बाद पहले महिला अस्पताल और बाद में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर कर दिया गया। थानाध्यक्ष जेपी दूबे ने बताया कि आरोपी अजीत सोनकर के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने थानाध्यक्ष के साथ मौके का मुआयना कर साक्ष्य एकत्र किया।