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12 लाख का काम और 50 लाख का भुगतान

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काम 12 लाख का, भुगतान 50 लाख
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बस्ती।
पीडब्लूडी के प्रांतीय और निर्माण खंड एक में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर लूट मची है। सरकारी धन की लूट का आलम यह रहा कि गड्ढा भरने में खर्च किया गया पचास हजार और भुगतान हुआ दस लाख का। इसी तरह एक अन्य सड़क पर खर्च हुआ 12 लाख और भुगतान किया गया 50 लाख का। इतना ही नहीं इतना धन खर्च करने के बाद फिर से गड्ढामुक्ति के नाम पर धन की मांग की गई है। हालांकि, इसकी जांच रही है। मगर क्षेत्र के लोगों ने इसे ठेकेदार और विभाग के लोगों की मिलीभगत बताते हुए दोषियों के विरुद्ध अतिशीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
गड्ढामुक्त करने के नाम पर जिस तरह पीडब्लूडी में ठेकेदार और अफसरों ने मिलकर सरकार को चूना लगाया, उससे इस विभाग में व्याप्त अनियमितता का पता चलता है। सीएम योगी के गड्ढामुक्त करने के आदेश का फायदा ठेकेदार और अफसरों ने उठाया। हालांकि , इसे लेकर कई ठेकेदार और विभाग के लोग विरोध में खड़े हैं। कहते हैं कि इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अगर इसकी सही तरीके से जांच हो गई तो कई ठेकेदार और अफसर जेल में नजर आएंगे। अब जरा देखिए विभाग और ठेकेदार का खेल। प्रांतीय खंड के लालगंज-कुदरहा मार्ग की लंबाई साढ़े छह किलोमीटर है। विशेष मरम्मत के तहत नवंबर 2016 में इसपर विभाग ने गड्ढामुक्त करने के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये का भुगतान किया। मगर खर्च हुआ मात्र 50 हजार रुपये। इसी सड़क पर मार्च-अप्रैल 2017 में किलोमीटर एक से चार तक फिर से 50 लाख रुपये विभाग ने पेंटिंग के नाम पर खर्च कर दिया। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क को न तो गड्ढामुक्त करने की जरूरत थी और न ही उसे पेंटिंग करने की आवश्यकता थी। यह सड़क पहले से ठीक-ठाक है। विभाग ने जानबूझकर ऐसी सड़क पर इतना धन खर्च कर दिया जो नहीं करना चाहिए था। वहीं, इसी सड़क के किलोमीटर चार से सात तक पर हमेशा गड्ढा बना रहता है। विभाग ने इसे गड्ढामुक्त करना मुनासिब नहीं समझा। यही स्थिति इस खंड के पाऊं से चरकैला मार्ग का है। पांच किलोमीटर इस सड़क पर विभाग हर साल गड्ढामुक्त करने के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है, जबकि ठेकेदार का इस पर मात्र 50 हजार ही खर्च होता है। ग्राम डेलवा के राजाराम, मिरजापुर के कन्हैयालाल, चरकैला के अजमत अली, भक्तूपुर के लालबहादुर श्रीवास्तव, हथियांव के राम मिलन चौधरी और जिभियांव के नूर मोहम्मद कहते हैं कि विभाग के लोग और ठेकेदार मिलकर सरकारी खजाने को लूटने में लगे हुए हैं। जिस सड़क को गड्ढामुक्त करना चाहिए उसे नहीं कर रहे हैं और जिसे नहीं करना चाहिए उस पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा रहे हैं। कहते हैं विभाग जानबूझकर अच्छी सड़कों पर गड्ढामुक्ति के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी कर रहा ताकि इस सड़क पर ठेकेदार का कम खर्च हो और भुगतान अधिक हो। ऐसी सड़कों पर चालीस फीसद कमीशन तक का सौदा ठेकेदार और विभाग के बीच होता है।
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अब खुलेगा राज
डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि वैसे जांच में इसका खुलासा हो ही जाएगा, मगर शासन ने इस मामले कड़ा कदम उठाया है, और विभाग से उन सड़कों का फोटोग्राफ मांगा है जिस पर विभाग ने 13 करोड़ खर्च कर दिया।
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