बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय हर्ष अग्रवाल ने दहेज हत्या में आरोपी पति सहित तीन को दस-दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने अदालत में घटना का विवरण रखा। बताया कि सोनहा थाना क्षेत्र के बैदौला गांव निवासी राम चंद्र सिंह ने थाना पुरानी बस्ती में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बेटी रुक्मणि सिंह की शादी क्षेत्र के बन्नी गांव में अवधेश सिंह के पुत्र रिंकू सिंह उर्फ गंभीर से आठ फरवरी 2013 को हुई थी। दहेज में हैसियत के मुताबिक सामान आदि भी दिया गया। ससुराल में सास अंग्रेजपती, ससुर अवधेश सिंह जेठ व जेठानी सहित अन्य लोगों का व्यवहार बेटी के प्रति ठीक नहीं रहा। यह लोग दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वे एक लाख रुपये और मांग रहे थे। जिसके लिए यह लोग बेटी को प्रताड़ित करने लगे। इसके बारे में बेटी ने बताया भी था।
दहेज की मांग पूरी न होने पर 19 फरवरी 2016 को सुबह साढ़े छह बजे एक राय होकर इन लोगों ने बेटी की गला दबा कर हत्या कर दी। गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उनकी बेटी की तबियत खराब है और वह बेहोश है। सूचना के बाद जब मायके लोग वहां पहुंचे तो बेटी का शव बिस्तर पर पड़ा मिला, उसकी जीभ बाहर निकली थी। रामचंद्र की तहरीर पर पति, सास व ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दहेज उत्पीड़न व हत्या का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ। अभियोजन की ओर वादी रामचंद्र सहित सात गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष की ओर से आत्महत्या व झूठे फंसाए जाने की दलील दी गई। कोर्ट ने गवाहों के बयान के आधार पर पति, सास व ससुर को दोषी माना। इन तीनों को सजा सुनाई।