बस्ती। अधिवक्ता जगनरायन की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी सुभाषचंद को पुलिस ने रविवार की भोर में मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन रोड गेट के बगल से गिरफ्तार कर लिया। दरअसल हत्या के बाद वह उसी दिन दिल्ली चला गया था, लेकिन बकाया पैसा लेना जिले में आया और पकड़ लिया गया। वह अलीगढ़ के अतरौली थाने के बहरावद का रहने वाला है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि दोस्त दीपक के साथ मिलकर उसने हत्याकांड को अंजाम दिया था।
पुलिस कार्यालय में रविवार की शाम पांच बजे पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार ने मीडिया से बातचीत में सुभाष के हवाले से बताया कि अधिवक्ता के गांव कप्तानगंज क्षेत्र के करमहिया बंसत निवासी दीपक उसका दोस्त है। दोनों दिल्ली में अगल-बगल रहते हैं। दीपक ने सुभाषचंद को बताया था कि मेरे परिवार वालों को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया है। इसका जगनरायन से बदला लेना है। इसके बाद हम दोनों दिल्ली से एक साथ अलीगढ़ पहुंचे। वहां से तमंचा व कारतूस खरीदा। इसके बाद बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र में उसके गांव गए। घटना के दिन 28 फरवरी दोनों बाइक से सुबह 10 बजे गांव से निकले। एक जगह हम दोनों ने शराब पी। इसके बाद हम कचहरी पहुंच गए। वहां दीपक अधिवक्ता को देखने निकला तो वह तख्त पर ही थे। दीपक ने बाइक चालू कर यहीं सड़क पर खड़े रहने को कहा। इसके बाद वह असलहा लेकर अंदर चला गया और अधिवक्ता जगनरायन को गोली मारकर मेरे साथ फोरलेन पहुंच गया।
बकौल सुभाषचंद, दीपक ने मुझे दो हजार रुपये देकर ऑटो में बैठाया। वहां से थोड़ी दूर जाकर बस से मैं लखनऊ होते हुए दिल्ली चला गया। अगले दिन दीपक भी दिल्ली पहुंच गया। उसने वहां पहुंचकर मुझे तीन हजार रुपये और दिए। पुलिस ने जब उससे असलहे के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि दीपक ने उसे कुएं में फेंक दिया था। उसे गिरफ्तार करने वाली टीम में सीओ सिटी आलोक सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली एमपी चतुर्वेदी, प्रभारी स्वाट टीम विक्रम सिंह, प्रभारी सर्विलांस सेल पंकज पांडेय आदि शामिल थे।