बस्ती। बहन से राखी बंधवाने की हसरत लिए कानपुर और फैजाबाद से कार से चले दो दोस्त किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से हादसे के शिकार हो गए। हादसा शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में परसा जाफर चौराहे के समीप हाईवे पर हुआ। दुर्घटना में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों के पास मिले कागजात के आधार पर घर वालों को हादसे की जानकारी दी।
युवकों की पहचान आलोक श्रीवास्तव (25) पुत्र स्व. अखिलेश कुमार श्रीवास्तव मूल निवासी लाला टोला थाना नरही जिला बलिया और अमरदीप (28) पुत्र ओमप्रकाश मोहल्ला जागेश्वर भवन हुमायूंपुर उत्तरी थाना गोरखनाथ, गोरखपुर के रूप में हुई। आलोक का दूसरा घर गोरखपुर के हुमायूंपुर उत्तरी सैनी आटा चक्की के पास है। जहां पूरा परिवार रहता है। परिवार वालों के मुताबिक आलोक 2011 में उप्र पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। पिता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव कानपुर नगर निगम में नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान पिता की मृत्यु पर उनकी जगह आलोक लिपिक पद पर नौकरी करने लगे थे।
रक्षाबंधन पर गोरखपुर जाने के लिए आलोक ने अपने मित्र अमरदीप से फोन पर बातचीत की थी। अमरदीप राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय फैजाबाद में लिपिक थे। शनिवार को आलोक अपनी आई 20 कार लेकर कानपुर से निकले और फैजाबाद में अमरदीप को कार में बैठा लिया। दोनों गोरखपुर के लिए चल दिए। रात 11:30 बजे परसा जाफर चौराहे के समीप पहुंचे थे कि पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे शीशम के पेड़ में जा टकराई। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह दोनों शव गाड़ी से बाहर निकाले गए और परिवार वालों को घटना की जानकारी दी गई। थानाध्यक्ष सर्वेश राय ने बताया कि आलोक की मां पुष्पलता श्रीवास्तव की तहरीर के आधार पर आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
जानकारी के बाद पहुंची आलोक की बहन अलका दहाड़ें मारकर रोती रही तो मां पुष्पलता बेसुध हो गईं। आलोक माता-पिता का इकलौता बेटा था। वहीं, अमरदीप की दो जुड़वा बेटियां ऋद्धि-सिद्धि और डेढ़ वर्ष का एक बेटा है। अमरदीप की पत्नी माला का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन दीपमाला (40) भी रोती रोती बेसुध हो जा रही थी।