फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करंट से चार कर्मचारी झुलसे, हंगामा

Tue, 14 Jun 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
खौरहवा मुहल्ले में ट्रांसफार्मर लगाते समय दुर्घटना के बाद विलाप करते बबलू के परिवार वाले। - फोटो : रमेश मिश्र
विज्ञापन
बस्ती। शहर से सटे ग्राम खौरहवा में नया ट्रांसफार्मर लगाते समय बिजली का तार क्रेन में सट जाने से चार लोग झुलस गए। इसमें दो लोग पोल से गिरकर घायल हो गए। दोनों के सिर फट गए। क्रेन में करंट उतर जाने से दो झुलस गए। क्रेन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। संविदा कर्मियों ने इस घटना के लिए अवर अभियंता को जिम्मेदार माना और उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। मौके से अवर अभियंता के भाग खड़े होने की बात भी कही जा रही है। अस्पताल पहुंचे एक्सईएन, एसडीओ और तीन अवर अभियंताओं का संविदा कर्मियों और घायल के परिवार वालों ने घेराव कर नारेबाजी की। तीन घंटे तक शहर की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। घटना दोपहर ढाई बजे की है। 
विज्ञापन


सपा के जिलाध्यक्ष राजकपूर के आवास के पास चार सौ केवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाने की व्यवस्था सोमवार की सुबह ही हो रही थी। ट्रांसफार्मर को उठाने के लिए क्रेन की भी व्यवस्था थी। दोपहर लगभग ढाई बजे क्रेन से जैसे ही ट्रांसफार्मर को उठाया गया, क्रेन 11हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आ गया। तार सटते ही क्रेन में करंट उतर गया। क्रेन चालक राहुल और ट्रांसफार्मर को सीधा करने में लगे बबलू झुलस गए। इसके अतिरिक्त पोल पर चढ़े महेश और संजय स्पर्शाघात से जमीन पर गिर पड़े। इससे वहां अफरातफरी मच गई। घायलों की मदद करने के बजाए ठेकेदार भाग खड़ा हुआ। बताया जा रहा है कि जेई भी भाग खड़े हुए। आनन फानन में ोत्र के लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना की खबर लगते ही सभी संविदा कर्मी और घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचे और वहां पर विभाग के अफसरों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। 

जेई की चूक के चलते हुई घटना
संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिस पोल पर ट्रांसफार्मर लगना था, उस पोल पर दो ओर से बिजली आ रही थी। 11000 की एक लाइन गिदही से आ रही है, जो खौरहवा तक आती है। दूसरी लाइन सिविल लाइंस अमहट फीडर से आती है। दोनों लाइन एक ही पोल से होकर गुजरती हैं। बताया कि अवर अभियंता ने सिविल लाइंस अमहट से तो शट डाउन ले लिया, मगर गिदही से आने वाली लाइन का शट डाउन नहीं लिया। जिसके चलते यह घटना हुई। वीरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि गिदही से जो लाइन आ रही है, उसी के तार से क्रेन सट गया। बताया कि इसके लिए पूरी तरह से अवर अभियंता जिम्मेदार हैं। कहा कि विभाग संविदा कर्मियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जब भी कोई इस तरह की घटना होती है, विभाग पल्ला झाड़ लेता है, यहां तक ठीक से घायलों का इलाज नहीं कराता। लाइन पर काम करने वाले संविदा कर्मियों को कोई भी सुरक्षा वाले सामान नहीं दिए जाते। 
विज्ञापन


एक्सईएन ने भी माना चूक हुई
एक्सईएन एके सिंह ने बताया कि शट डाउन लेने में चूक के चलते यह घटना घटित हुई। बताया कि मौके से भागे ठेकेदार और जेई के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर है। सभी के इलाज के लिए विभाग की ओर से व्यवस्था करा दी गई है। बताया कि इसके बाद भी अगर घायलों को किसी चीज की आवश्यकता होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा।

घायलों में तीन ठेकेदार के कर्मचारी
बस्ती। जिस 400 केवीए के ट्रांसफार्मर को लगाते समय दुर्घटना हुई, उसमें सिर्फ एक संविदा कर्मी हैं, शेष तीन ठेकेदार के लोग हैं। पोल से गिरे संजय संविदा कर्मी हैं। उनका हाथ टूट गया है। पोल से गिरे महेश ठेकेदार का कर्मचारी है। क्रेन चलाने वाला राहुल और ट्रांसफार्मर को जमीन पर रह सीधा करने वाला बबलू भी ठेकेदार का कर्मचारी है। बबलू का सिर फट गया है। करंट से झुलसे महेश की तीन उंगलियों को काट देना पड़ा। इस कर्मी के हाथ काटने की नौबत तक आ गई है। घायल बब्लू के बारे में बताया जाता है कि विभाग को जहां कहीं नया ट्रांसफार्मर लगवाना होता है तो बब्लू की सेवाएं ठेकेदार के जरिए ली जाती हैं। महेश लाइन के काम में माहिर है। 
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें