कपड़े सुखाने के लिए बांधे गए तार में करंट उतरने से मां और दो बेटियां झुलस गईं। हादसा टिनिच क्षेत्र के बदलूपुर में सोमवार की सुबह हुआ। मां-बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि एक बेटी का स्थानीय पीएचसी में इलाज हुआ।
बदलूपुर निवासी भदेश्वर के घर लगा बिजली का केबल रोशनदान के पास कटा था। रोशनदान से ही कपड़े सुखाने के लिए नंगा तार बांधा गया है। सुबह करीब आठ बजे भदेश्वर की मां शांति देवी (65) कपड़ा धोने के बाद फैला रही थीं तभी बिजली होने के कारण करंट की चपेट में आ गईं। मां शांति देवी के चीखने-चिल्लाने पर बचाने के लिए दौड़ी छोटी बेटी प्रेमा (20) ने जैसे ही हाथ पकड़ा कि वह भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों को बचाने के लिए बड़ी बेटी रेखा (27) भी नंगे पांव दौड़ पड़ी और मां तथा बहन को बचाने का प्रयास करती कि मां के पकड़ते ही वह भी करंट से चिपक गई। तभी तीनों पर गांव के 16 वर्षीय अजय की नजर पड़ी। वह देखते ही माजरा समझ गया। अजय ने दौड़ कर केबल को जंगले से हटा दिया। केबल हटते ही तीनों बेहोश होकर गिर पड़ीं। शोरगुल पर गांव से काफी भीड़ जुट गई। किसी के फोन करने पर 108 एंबुलेंस सेवा आधे घंटे बाद पहुंची। इससे तीनों को गौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। शांति और प्रेमा की हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जबकि रेखा कम झुलसीं थीं। उनकी हालत सामान्य थी तो उनका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही इलाज हुआ। उन्हें शाम को घर भेज दिया गया।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मां शांति देवी और बेटी प्रेमा की हालत डॉक्टरों ने सामान्य बताया है। प्रेमा देवी का कहना है कि यह जानकारी नहीं थी कि रोशनदान से बंधा केबल कहीं कटा है। रोज की तरह कपड़े धोकर फैलाए गए थे। मां शांति देवी ने कपड़ों को हाथ लगाया तो करंट से चिपक गईं। मुझे भी करंट की जानकारी नहीं थी। इसके कारण मां को पकड़ने से करंट की चपेट में आ गई।