कुदरहा। गेहूं खरीद में धांधली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शुक्रवार को प्रशासनिक अमले ने कुदरहा के हर्रैया गांव स्थित एक चूड़ा मिल से 319 क्विंटल गेहूं बरामद किया। अनियमितता की सूचना पर जांच करने पहुंचे एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने यहां खाद्य रसद विभाग के 325 खाली बोरे भी बरामद किए। उन्होंने मिल मालिक सुखराम मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम शुक्रवार को देवरिया माफी स्थित गेहूं क्रय केंद्र की जांच करने गए थे। यहीं उन्हें यह सूचना मिली कि कुदरहा के करीब एक चूड़ा मिल में बड़े पैमाने पर गल्ला माफिया गेहूं एकत्र कर रहे हैं। सूचना के बाद एसडीएम दल-बल के साथ चूड़ा मिल पर जा धमके। टीम ने जब चूड़ा मिल के भीतर प्रवेश किया तो यहां धान के बोरों के पीछे छिपाया गया 638 बोरी गेहूं बरामद हुआ। टीम ने मिल को खंगालना शुरू किया तो खाद्य रसद विभाग के 325 खाली बोरे भी बरामद हुए। बरामदगी के बाद एसडीएम ने जब पूछताछ शुरू की तो मिल मालिक ने पकड़े गए गेहूं को क्षेत्र के जिभियांव चौराहे पर संचालित गेहूं क्रय केंद्र का बताया। बोरा भी इसी क्रय केंद्र का बताते हुए यहां भंडारण की बात कही।
गेहूं और बोरों की बरामदगी की जानकारी एसडीएम ने तत्काल खाद्य रसद विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद मौके पर विभाग की भी टीम भी पहुंची। टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं और खाली बोरे यहां कैसे पहुंचे। जिभियांव में संचालित क्रय केंद्र के प्रभारी अजय चौधरी ने पकड़े गए गेहूं व बोरे के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। कहा कि जो गेहूं और बोरा वहां बरामद हुए हैं, क्रय केंद्र के नहीं हैं। केंद्र पर जितना गेहूं खरीदा गया और बोरों के पूरे स्टॉक का हिसाब मेरे पास है। इस बाबत एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि चूड़ा मिल में गेहूं व खाली बोरों की बरामदगी गंभीर है। कहीं न कहीं सिस्टम का दुरुपयोग किया जा रहा है। पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
---------------
गल्ला माफिया के लिए मुफीद है कुदरहा
चूड़ा मिल पर गेहूं की बरामदगी तो एक बानगी भर है। यह इलाका गल्ला माफिया के गढ़ के रूप में अक्सर सुर्खियों में रहता है। पिछले दिनों पीडीएस गोदाम पर घटतौली और उस अनाज की रिसाइकिलिंग की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची थी। क्षेत्रीय विधायक रवि सोनकर ने भी यहां अनाज की कालाबाजारी की शिकायत प्रमुख सचिव तक की थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां सीमावर्ती अंबेडकरनगर व फैजाबाद जिले के खाद्यान्न माफिया भी सक्रिय हैं।