शूटर गिरफ्त में,साजिश बेनकाब
देर रात घटना में नया मोड़ (पुलिस कल करेगी खुलासा)
परशुरामपुर कांड:
राजनीतिक नहीं, दुश्मनी की वजह से हुई साजिश
12 सितंबर को जिपं सदस्य के पति पर दागी थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। छात्रनेता से नेता बने परशुरामपुर ब्लॉक के जटा शंकर सिंह पर जानलेवा हमले की घटना में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब पुलिस के हत्थे किराए के शूटर चढ़ गढ़। पुलिसिया पूछताछ में शूटरों ने पुलिस को जो कहानी बताई उसे सुनकर कोई भी दंग रह जाए।
ब्लॉक की राजनीति से जोड़कर देखे जा रहे इस मामले की तह में ऐसा नई स्क्रिप्ट सामने आई है, जो वाकई परशुरामपुर ब्लॉक की राजनीति की दिशा बदलकर रख देगी। जिन अज्ञात बदमाशों को मुंह पर गमछा बांधकर जिला पंचायत सदस्य पति जटाशंकर पर फायर झोंकने का मुकदमा दर्ज कराया गया है, उन तीनों शूटरों ने पुलिस के सामने पोल ही खोल दी। सूत्रों के मुताबिक इन तीनों ने इस घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी बतायी है। जबकि इस घटना को शुरू से ही राजनीतिक नजरिए से ही देखा जाता रहा है। नामजद कराए गए पूर्व प्रमुख त्रयंबक नाथ पाठक, उनके भाई, बेटे व हितैषी को इन सबने क्लीन चिट दी। उन्हें किसी और ने सुपारी दी थी। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि 24 घंटे के भीतर पुलिस पूरी कहानी सार्वजनिक कर देगी। ज्यादातर सुबूत भी उसके हाथ में आ चुके हैं। इस सनसनीखेज घटना को लेकर सोमवार को एक बार फिर से चर्चा तब गरम हो गई, जब रविवार रात से पुलिस की अचानक गतिविधियां तेज हो गईं। बार-बार आती-जाती पुलिस की गाड़ियों को देखकर उत्सुकता बढ़ती जा रही थी। कुछ हिस्ट्रीशीटरों के ताबड़तोड़ उठाने के बाद लोगों ने अनुमान लगाना शुरू कर दिया। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि है कि इसमें वाकई चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है लेकिन अभी 24 घंटे इंतजार करना पड़ेगा। मंगलवार को पुलिस मीडिया से मुखातिब हो सकेगी।
सनसनीखेज बनाकर पेश किया घटना
12 सितंबर को दोपहर एक बजे आग की तरह खबर फैली कि परशुरामपुुर कस्बे में अपने दफ्तर में बैठे साकेत पीजी कालेज अयोध्या छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष जटाशंकर सिंह पर अज्ञात बदमाशों ने सामने से फायर झोंक दिया है। बताया गया कि गोली उनकी जांघ को चीरते निकल गई। जवाबी फायरिंग करने पर बदमाशों के भाग निकलने की सूचना मिलते ही पुलिस को मानो सांप सूंघ गया। मुकामी पुलिस की तात्कालिक कार्रवाई के बाद एसपी संकल्प शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे।