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ट्रक ओवरटेक में बाइक पर पीछे बैठे सवार की मौत

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ट्रक ओवरटेक करने में बाइक पर पीछे बैठे सवार की मौत
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छात्रा के घायल होने पर भाग रहा था बाइक से चालक
चालक ट्रक छोड़कर भागा, पुलिस ने कब्जे में लिया शव
लालगंज थाने के बनकटी मछली बाजार की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। महुली रोड पर लालगंज थाने के बनकटी कस्बे के मछली बाजार में ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान बाइक चपेट में आ गई। इससे पीछे बैठे 50 वर्षीय मुंडेरवा थाने के जमोहे निवासी राम सुंदर गुप्ता ट्रक की पहिए से कुचल गए। करीब 50 मीटर तक ट्रक से घिसटते रहे, जिससे उनकी मौत हो गई। जबकि बाइक चला रहे भतीजे को मामूली चोट आई। चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया।
करियाबारी जमोहे निवासी राम सुन्दर गुप्ता अपने 22 वर्षीय भतीजे सूरत गुप्ता के साथ बाइक से बनकटी की तरफ जा रहे थे। कस्बे से पहले मछली मार्केट के पास इसी थाने के अशरफपुर निवासी 17 वर्षीय छात्रा पल्लवी की साइकिल में बाइक की ठोकर लगी, जिससे छात्रा दूर जा गिरी और उसका दाहिना पैर फ्रैक्चर हो गया। आसपास के लोग उसे उठाने के लिए दौड़े, इधर मौका पाकर सूरज बाइक लेकर भागने लगा। हड़बड़ी में आगे चल रहे ट्रक को ओवरटेक करने लगा, तभी बाइक असंतुलित होकर ट्रक से जा टकराई। ठोकर लगते ही पीछे बैठे राम सुन्दर गुप्ता ट्रक के अगले टायर के नीचे आ गए। हाथ पहिए में फंस गया और घसीटते हुए करीब 50 मीटर तक ले गया। आसपास के लोगों ने रोकने का प्रयास किया लेकिन ट्रक चालक कान में ईयर फोन लगाए हुए था, जिसके कारण उसे भनक तक नहीं लगी कि कोई इंसान उसके चक्के में फंसा है। माजरा समझकर फौरन एक व्यक्ति ट्रक के आगे खड़ा हुआ तब जाकर चालक ने ब्रेक लगाई। लोगों ने देखा तो घायल राम सुन्दर का हाथ शरीर से अलग हो गया था। इसी दौरान मौके पर मुकामी पुलिस पहुंच गई और एंबुलेंस से घायल को जिला अस्पताल भेजा, जहां पहुंचते ही राम सुंदर को मृत घोषित कर दिया गया। इधर, छात्रा को बनकटी पीएचसी लाया गया, जहां एमओआईसी डॉक्टर धर्मेन्द कुमार चौधरी ने शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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मानो नियति को यही था मंजूर
बस्ती। भीड़तंत्र का खौफ सूरज के सिर पर ऐसा सवार हुआ कि बड़े पिता की जान पर बन आई। छात्रा की साइकिल से बाइक टकराने के बाद सूरज और बाइक के पीछे बैठे राम सुंदर को खरोंच तक नहीं आई थी। जबकि छात्रा का पैर फ्रैक्चर हो गया था। लोग पहले दूर जा गिरी छात्रा को संभालने पहुंचे। मौजूद भीड़ में तमाम लोग यहां तक कहते सुने गए कि अगर दोनों पब्लिक के हत्थे चढ़ गए होते तो भले थोड़ी-बहुत पिटाई होती मगर जिंदा रहते। भागने के चक्कर में काल के गाल में समाए।
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