19 अफसर डिफॉल्टर घोषित, वेतन रोका
बस्ती।
संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को लेकर गंभीर न रहने वाले 11 जिला स्तरीय अधिकारी, चार एसडीएम और चार तहसीलदार सहित कुल 19 अफसरों को प्रशासन ने डिफॉल्टर घोषित किया है। इन सभी अफसरों का वेतन रोक दिया गया। एडीएम भगवान शरण ने बताया कि अगर डिफॉल्टर घोषित किए अधिकारियों ने एक सप्ताह में लंबित आवेदनों का निस्तारण नहीं किया तो उन्हें प्रतिकूल प्रविष्ट दी जाएगी।
जिन अफसरों को डिफॉल्टर घोषित कर उनका अगस्त का वेतन रोकने के आदेश दिया गया है। उनमें एक्सईएन सरजू नहर खंड चार, एसओसी, ईओ नगरपालिका, बीएसए, एक्सईन विद्युत द्वितीय, बीडीओ सदर, एक्सईएन विद्युत खंड हर्रैया, जिला उद्यान अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, पीओ डूडा, सदर, भानपुर, हर्रैया एवं रुधौली के चार-चार एसडीएम और तहसीलदार शामिल हैं। एडीएम ने कहा कि अगर कोई अधिकारी 30 दिन में भी आवेदनों का निस्तारण नहीं कर पाता है तो वह दंड का भागीदार होता है। बताया कि सीएम और शासन स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा हो रही है। सीएम खुद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आवेदनकर्ता से निस्तारण के बारे में पूछ रहे हैं।
आठ से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
बस्ती।
डीएम अरविंद कुमार सिंह ने आईजीआरएस पोर्टल पर किए गए शिकायतों का निस्तारण न करने वाले तीन एसडीएम और पांच जिला स्तरीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इन अफसरों को भी डिफॉल्टर घोषित किया गया है। इन सभी अधिकारियों के पास 180 शिकायतें लंबित हैं। इनमें एसडीएम सदर के पास 19, भानपुर के 22 और हर्रैया के पास 52 और एक्सईएन विद्युत प्रथम 17, द्वितीय के 13, डीपीआरओ के पास 24, पीडी डीआरडीए के 33 और बीडीओ सदर के पास कुल 11 मामले लंबित है।
रुधौली ने चार राजस्व निरीक्षक को नोटिस
बस्ती। एसडीएम रुधौली एससी शर्मा ने आईजीआरएस के निस्तारण में लापरवाही करने पर भुसुड़ा उर्फ हनुमानगंज के राजस्व निरीक्षक परशुराम, भितेरहा के दीनानाथ गौड़, रौनहिया के विजय प्रताप एवं रुधौली क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक अर्जुन प्रसाद चौधरी के नाम शामिल हैं।