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दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद

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बस्ती। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी धर्मराज मिश्रा की अदालत ने दलित महिला से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सह आरोपी को एक साल की सजा दी गई। मुख्य आरोपी को 26 हजार 500 रुपये अर्थदंड भी अदा करना होगा। सह आरोपी को 1500 रुपये जुर्माना देना होगा।
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मामला छावनी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। अभियोजन अधिकारी आनंद प्रिय मौर्य ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि एक नवंबर 2012 को महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह दो बच्चों की मां है। पति रोजी रोटी के लिए दूसरे प्रदेश में रहते हैं। अक्सर बीमार रहने के कारण फैैजाबाद से दवा होती है। छावनी में सतारा (महाराष्ट्र) के मनोहर दुकान करते हैं। उसके रिश्तेदार सागर फैजाबाद में रहते हैं जहां मनोहर भी रहता है। इससे उसकी जानपहचान हो गई। 10 जनवरी 2012 को दवा कराने जा रही थी जहां मनोहर भी मिल गया। दवा के बाद अपने रिश्तेदार सागर के यहां ले गए। जहां चाय पिलाए जिससे वह बेहोश हो गई। लखनऊ के रास्ते महाराष्ट्र ले गए। रखैल बनाना चाहते थे। सागर जबरन दो महीने कमरे में बंद रखा और दुष्कर्म करता रहा। गर्भवती होने पर छावनी के पास लाकर छोड़ दिया। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज होने और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर जज ने सागर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा दी। सह आरोपी मनोहर को शादी के दबाव और धमकी के मामले में दोषी मानते हुए एक वर्ष की सजा एवं अर्थदंड की सजा दी।
55 हजार वापसी का निर्देश
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम की पीठ ने गोविंद इंजीनियरिंग के प्रोपराइटर को 55 हजार 300 रुपये किसान को वापस करने का निर्देश दिया है। फोरम अध्यक्ष रामदरश, सदस्य महादेव प्रसाद दुबे व शोभा मित्रा ने कहा कि ग्राहक के जमा एक लाख रुपये में से 47 हजार 700 घटाकर शेष रकम आदेश के 60 दिन के भीतर जमा करना होगा। मामला ट्रैक्टर खरीद का है। रुधौली के कैरौना निवासी राधेरमन ने प्रोपराइटर गोविंद इंजीनियरिंग के पास एसीई ट्रैक्टर, कीमत छह लाख में एक लाख अलग अलग तिथियों में जमा किया। शेष रकम लोन कराने की बात हुई। ट्रैक्टर 13 मार्च 15 को राधेरमन घर लाए। एजेंसी वालों ने लोन के लिए कागजातों में हस्ताक्षर कराए। एक सप्ताह के अंदर ट्रैक्टर वापस खिंचा लिए। बार-बार दौड़ाने के बाद न तो रकम की वापसी की और न ही ट्रैक्टर दिया। उल्टे 47 हजार 700 रुपये मरम्मत बिल बता दिया। फोरम ने आंशिक रूप से परिवाद स्वीकार कर उक्त निर्णय सुनाया।
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