बस्ती। रेलवे काउंटर से तत्काल टिकट की हेराफेरी के धंधे का मास्टर माइंड भोपाल में है। आरपीएफ और क्राइम ब्रांच की अब तक की जांच में रेलवे के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। रविवार देर रात जांच टीम भोपाल से लौट आई है। उम्मीद है कि जल्द ही कई लोगों की गिरफ्तारी होगी और पूरे प्रकरण में कई तथ्य सामने आएंगे।
आरपीएफ को लंबे समय से तत्काल टिकट की हेराफेरी की शिकायतें मिल रहीं थीं। तीन जुलाई को एक यात्री पकड़ा गया था, जिसके पास से बरामद तत्काल टिकट भोपाल से निकाला गया था। यह टिकट मुंबई के लिए था। कुछ दिन बाद आरपीएफ को एक और यात्री के पास से ऐसा ही टिकट बरामद हुआ। इसके बाद टीम ने जांच तेज करते हुए उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर जांच में क्राइम ब्रांच को भी शामिल किया।
गोरखपुर से गोंडा के बीच आरपीएफ व क्राइम ब्रांच टीम सक्रिय हुई तो सात जुुलाई को कुशीनगर एक्सप्रेस से कोच अटेंडेंट सहित चार लोगों को आरपीएफ की टीम ने धर दबोचा। इनके पास से 102 टिकट बरामद हुए, जो लखनऊ से बिहार तक के यात्रियों के थे। इसके बाद टीम ने 16 जुुलाई की रात गिरोह के कैश ट्रांजेक्शन करने वाले युवक को भी दबोच लिया। 17 जुलाई को इस गिरोह के दो और लोग पकड़े गए। इनमें से एक कोच अटेंडेंट और दूसरा संतकबीरनगर जिले के बखिरा का धंधेबाज है।
आरंभिक जांच में पता चला कि तत्काल टिकट के इस धंधे का मास्टर माइंड मध्य प्रदेश या मुंबई में बैठा है। इसी आधार पर जांच शुरू हुई। गोरखपुर व बस्ती की दो टीम इस मामले के तह तक पहुंचने के लिए भोपाल व मुंबई पहुंची। भोपाल से अहम सुराग हासिल कर आरपीएफ थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार यादव व क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर मुकेश सिंह की टीम रविवार देर रात वापस लौट आई। आरपीएफ थानाध्यक्ष ने बताया कि कहा कि धंधे का मास्टर माइंड भोपाल में है। इसके पुख्ता सबूत मिले हैं। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। इस पूरे गिरोह को रेलवे का एक रिटायर्ड अधिकारी संचालित करता है।