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फोटो.. छज्जा ढहने से महिला की मौत,तीन बच्चे गंभीर

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कलवारी थानाक्षेत्र के बहादुरपुर खास में छज्जा ढहने से 30 वर्षीया महिला व उसके तीन बच्चे दब गए। पीएचसी पर डॉक्टर मौजूद न होने से घायलों को वाहन के लिए घंटों भटकना पड़ा। प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल ले जाते समय महिला ने दम तोड़ दिया। तीनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर हैं।
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संतकबीरनगर जिले के दुधारा थानाक्षेत्र के पचपोखरी निवासी मेहताब की पत्नी राबिया इन दिनों स्कूल में बच्चों की छुट्टी होने से अपने मायके (पिता मुस्तफा के घर) बहादुरपुर आई थी। सोमवार रात गर्मी की वजह से तीन बच्चों को लेकर बाहर छज्जे के नीचे चारपाई पर सोई थी। रात दो बजे के आसपास अचानक रेलिंग सहित समूचा छज्जा ढह गया। तेज आवाज होने पर आसपास के लोग भी पहुंच गए। रात होने के बावजूद सबने मिलकर कुछ ही देर में मलबे में दबे मां-बच्चों को बाहर निकाला गया। घायलों को लेकर परिजन कुछ ही दूरी पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। मगर वहां ताला लटका मिला। इसी बीच कहीं से लौटकर एक 108 एंबुलेंस पहुंची। लहूलुहान घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए सवारी ढूंढ रहे ग्रामीणों ने एंबुलेंस स्टाफ से बहुत सिफारिश की लेकिन वे नियमों का हवाला देकर टाल गए। थक-हारकर प्राइवेट गाड़ी से घायलों को लेकर जिला अस्पताल को लेकर निकले। मगर फुटहिया हाइवे के आसपास राबिया (30) ने दम तोड़ दिया। इमरजेंसी में पहुंचते ही जिला अस्पताल के ईएमओ ने उसे मृत घोषित करते हुए अन्य घायलों को भर्ती किया। जिनमें 10 वर्षीया साबिश और तीन वर्ष की जुड़वा जाफरीन व आमरीन शामिल हैं।

गुस्साए ग्रामीणों ने पीएचसी पर ताला जड़ा
मायके आई महिला की रात में डॉक्टर न मिलने से मौत से बहादुरपुर खास गांव के लोग आक्रोशित हो गए। जिला अस्पताल से मंगलवार तड़के शव लेकर गांव पहुंचे परिजन कुछ देर बाद गांव के लोगों के साथ पीएचसी पर गए और गेट पर लटक रहे ताले में एक और ताला जड़ दिया। ग्रामीण सुबह 11 बजे तक हंगामा करते रहे। हंगामे की सूचना पर पीएचसी पहुंचे डिप्टी सीएमओ सीएल कनौजिया ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाया। परिवार के लोगों ने डिप्टी सीएमओ को नौ सूत्रीय मांग पत्र भी दिया। जिसमें प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पवन कुमार वर्मा को तत्काल हटाने, डॉक्टर को रात्रि निवास करने, तीन वर्ष कार्यकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को स्थानांतरित करने, दवा पट्टी आदि की समुचित व्यवस्था आदि मांगें शामिल हैं। मृतका राबिया के पिता मुस्तफा, ग्राम प्रधान लक्ष्मी यादव, पूर्व प्रधान सुभाष गुप्ता, लालचंद चौधरी, गोरखनाथ, गौरव, अरविंद, राकेश आदि ने कर्मचारियों के रवैए पर रोष व्यक्त किया।
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