फाइनेंस कंपनी की ओर से भुगतान न मिलने पर लगी लोगों की भीड़।
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हर्रैया। कस्बे के गांधी नगर वार्ड में करीब चार वर्ष पहले सेे संचालित एक निजी फाइनेंस कंपनी में जमाकर्ताओं का करीब पैंतीस लाख रुपये फंस गए हैं। मेहनत की कमाई रकम के न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं का सब्र मंगलवार को उस समय जवाब दे गया जब पता चला कि कंपनी के आला अधिकारी शाखा पर पहुंचे हैं। सैकड़ों उपभोक्ता मौके पर जमा हो गए और अपनी रकम वापस करने के लिए हंगामा करने लगे। काफी समझाने-बुझाने के बाद लोग इस आश्वासन पर माने कि हिसाब करने के बाद भुगतान होगा।
हर्रेया में होप मल्टी स्टेट मल्टी परपज कंपनी की शाखा खुली है। कंपनी ने एजेंटो के माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं का दैनिक, मासिक व फिक्सड डिपॉजिट योजना के माध्यम से खाते खोले हैं। निर्धारित समय पूरा होने पर जब जमाकर्ता अपनी रकम लेने शाखा पर गए तो उन्हें टरकाया जाने लगा। जमाकर्ता अमित श्रीवास्तव का करीब 90 हजार, भूपेंद्र श्रीवास्तव 35 हजार, शैलेंद्र श्रीवास्तव 18 हजार, राजू गुप्ता 42 हजार, विनोद श्रीवास्तव 18 हजार, ओमप्रकाश क 19 हजार, अंकित कसौधन 33 हजार व अरविंद सिंह करीब 14 हजार सहित सैकड़ों उपभोक्ताओं की परिपक्वता अवधि पूरा होने के बाद भी रकम वापस नहीं दी जा रही। विनोद ने बताया कि छह माह से दौड़ाया जा रहा है। अंकित, अरविंद और राजू को भी महीनों से भुगतान नहीं मिला।
मंगलवार को शाखा के सामने दो लग्जरी वाहनों को देखते ही बड़ी संख्या में जमाकर्ता एकत्रित हो गए। लोगों ने शाखा प्रबंधक व संचालकों का घेराव किया और जमाधन वापसी के लिए हंगामा करने लगे। लखनऊ से आए संचालक मंडल के अधिकारी अभिजीत दत्ता ने बताया कि वह और अन्य सदस्य कंपनी के देनदारी की सही स्थिति जांचने आए हैं। पहले कंपनी को अजय सिंह संचालित करते थे अब इस कंपनी के 14 ब्रांचो को हम संचालित करेंगे, जो भी बकाया है, जमाकर्ताओं को अगले माह से भुगतान किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद भी उपभोक्ता घंटों बवाल काटते रहे। कुछ उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को पैसा देने के बाद ही जाने देने का दबाव बनाया और वाहन के सामने खड़े हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया।