विक्रमजोत। कल्याणपुर गांव में तीन दिनों से ग्रामीणों के साथ धरना पर बैठे आंदोलनकारी चंद्रमणि पांडेय जल समाधि के लिए बृहस्पतिवार को घाघरा में कूद गए। इससे पहले उन्होंने फोन पर जिले के प्रशासनिक अफसरों को सूचना दी और फिर जल समाधि की धमकी देते हुए नदी में छलांग लगा दी। हालांकि] ग्रामीणों ने उन्हें गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया, लेकिन नदी में कूदने के कारण उन्हें चोट आ गई है।
बीडी बांध का पक्का बनवाने, कटान वाले क्षेत्र के ग्रामीण को अन्यत्र व्यवस्थित करने, बंधे पर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर रालोद नेता चंद्रमणि पांडेय उर्फ सुदामा तीन दिन से कल्याणपुर गांव में ग्रामीणों के साथ हड़ताल पर हैं। 24 घंटे पहले यह सूचना दी गई कि यदि उनकी मांग न मानी गई तो वे जल समाधि लेंगे। बावजूद इसके प्रशासन व पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इधर, आंदोलन को गति देने के लिए तय समय सीमा पूरी होते ही चंद्रमणि ने फोन पर आला अफसरो को जल समाधि की सूचना दी और नदी में कूद गए। हालांकि उन्हें बचा लिया गया, मगर जैसे ही यह सूचना प्रशासनिक अमले को मिली उनके हाथ-पांव फूल गए। नायब तहसीलदार विजय सिंह और चौकी प्रभारी दिनेश कुमार सरोज ने ग्रामीणों व स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी से बाहर निकलवाया और हर्रैया सीएचसी पहुंचा दिया। जबकि गांव में प्रदर्शन कर रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को छावनी थाने पर ले आए। इधर, भाकियू कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंची पुलिस को यहां भी झेलना पड़ा। वाहन से उतरते ही तहसील अध्यक्ष भाकियू रामचंदर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता ने फोरलेन जाम कर दिया। जमकर नारेबाजी की। फोरलेन जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम हर्रैया एसपी शुक्ल सीओ अरविन्द वर्मा, एसओ अरविन्द कुमार शाही ने बड़ी मुश्किल के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर जाम हटवाया।