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प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर बगैर वितरित हो गयी डिग्री

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प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर बगैर वितरित हो गई डिग्री
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लापरवाही किसी और की भुगत रहे छात्र
प्रधानाचार्य ने माना लिपिकीय त्रुटि, स्थानांतरित लिपिक से मांगे रिकॉर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
साऊंघाट। लापरवाही किसी और की सजा किसी और को मिल रही है। ऐसा ही मामला बस्ती जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक में सामने आया है। यहां वर्ष 2017 में उत्तीर्ण छात्रों को डिग्री तो दी गई, मगर उस पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर कराए ही नहीं गए। यह तथ्य तब सामने आया जब बृहस्पतिवार को एक प्रशिक्षु एजाज अहमद वहां प्रधानाचार्य हरीओम वर्मा के पास डिग्री पर हस्ताक्षर कराने पहुंच गया।
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जब प्रधानाचार्य ने पूछताछ शुरू की तो एजाज ने बताया कि उसने वर्ष 2017 में इलेक्ट्रिकल ट्रेड से उत्तीर्ण किया है। उसे यहीं आयोजित दीक्षांत समारोह में सांसद हरीश द्विवेदी के हाथों से डिग्री दी गई थी। उसने बताया कि बैच में लगभग 60 से 70 छात्र-छात्राओं को डिग्री मिली थी, लेकिन लापरवाही करते हुए उस पर डिग्री पर प्रिंसिंपल के हस्ताक्षर कराए बगैर सिर्फ मोहर लगाकर दे दिया गया। इसके चलते अनेक छात्र हस्ताक्षर कराने के लिए परेशान हैं। छात्र ने बताया कि उस समय किसी ने भी ध्यान नहीं दिया, अब जब वेरीफिकेशन कराने आए तो देखा कि उस पर हस्ताक्षर ही नहीं है। प्रधानाचार्य हरिओम वर्मा ने बताया कि यह लापरवाही लिपिक त्रुटि है। हालांकि, ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए, मगर यह की जा चुकी है। चूंकि लिपिक का स्थानांतरण दूसरे जनपद में हो गया है और रिकॉर्ड उसी के पास है। इस समय परीक्षा चल रही है। संबंधित से रिकॉर्ड मांगा गया है, जैसे ही रिकॉर्ड मिलेगा तत्काल हस्ताक्षर कर सत्यापन कर दिया जाएगा।
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