फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिकित्सा प्रतिपूर्ति के 20.64 लाख के बिल संदिग्ध

विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के 20.64 लाख के बिल संदिग्ध
विज्ञापन

जिला पंचायत राज विभाग का मामला
सफाई कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल को डीपीआरओ ने माना संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला पंचायत राज विभाग में यूं तो चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इस बीच डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने चौदह सफाई कर्मियों के 20.64 लाख के बिल को संदिग्ध करार देते हुए वापस कर दिया है। इसे लेकर विभाग में अफरा-तफरी मच गई है। हालांकि, बिल का अभी तक भुगतान लंबित है। इस बीच उक्त डीपीआरओ का स्थानांतरण भी हो गया है।
विज्ञापन

चिकित्सा प्रतिपूर्ति में हेरफेर के मामले अक्सर उठते हैं। इसी हेरफेर का एक मामला जिला पंचायत राज विभाग में भी सामने आया है। यहां सफाई कर्मियों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के जो बिल प्रस्तुत किए थे, उसमें से 14 बिलों को लेकर विभागीय जिम्मेदार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे संदिग्ध मानते हुए विभागीय अधिकारी ने कहा है कि सफाई कर्मियों के स्वयं अथवा अपने आश्रितों के जो बिल विभाग को दिया है वह सभी एक मेडिकल स्टोर के ही हैं। साथ ही उन्हें संबंधित डॉक्टरों ने सत्यापित किया है। ऐेसे में प्रथमदृष्टया यह बिल संदिग्ध प्रतीत होते हैं। ऐसे में अधिकारी ने संबंधितों को सप्ताह भर में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। ऐसा न करने पर संबंधितों के खिलाफ विभागीय व विधिक कार्रवाई की चेतावनी जिम्मेदार ने दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी शिवशंकर सिंह ने कहा कि सफाई कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बिल संदिग्ध प्रतीत होता है। ऐसे में राजकीय धन की क्षति बचाने के लिए सफाई कर्मियों से साक्ष्य मांगे गए थे, मगर अब मेरा स्थानांतरण हो गया है। नये डीपीआरओ मामले को समझेंगे। नवागत डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने कहा कि यह मामला संज्ञान में नहीं है। वैसे चिकित्सा प्रतिपूर्ति का सत्यापन जिला अस्पताल से होता है। यदि वहां से सब कुछ सही पाया गया है तो बिल भुगतान में कहीं कोई बाधा नहीं आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें