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साइड स्टोरी--जान लेवा हो चुका है घाट

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वीडी बंधे से महज एक किलोमीटर दूर कसियापुर घाट मौत का घाट बनता जा रहा है। पिछले महीन धिरौली पांडेय गांव के दो बच्चों की डूबने से मौत को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि सोमवार को दो किशोरियों की डूबने से मौत हो गई। बाढ़ व सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई बाढ़ चौकी पर एक कर्मचारी की तैनाती रहती है। अक्सर वह गायब रहता है। लोगों का कहना है कि अगर बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारी होता तो शायद दोनों को बचाया जा सकता था।
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कसियापुर घाट पर गर्मी के दिनों में नदी का बहाव और पानी काफी कम हो जाता है जिससे आसपास के लोग अक्सर नहाने पहुंचते हैं। अप्रैल 2016 में नरसिंहपुर के छात्र रोहित की मौत भी नहाते समय डूबने से यहीं हुई थी। सोमवार को हुई घटना से एक बार फिर लोगों के जेहन में पूर्व में हुई घटनाएं ताजा हो गईं। आसपास के लोगों का कहना है कि करीब एक महीने पहले तीन बच्चे भैंस नहलाने आए और खुद नहाने लगे जिसमें दो बच्चे नदी के भंवर में फंस गए। दोनों की डूबने से मौत हो गई थी। उसी तरह आज भी दो सहेलियां नदी की भंवर में फंसकर जान गवां बैठीं। लड़कियों की एक सहेली शबनम जो बांध के संपर्क मार्ग पर चाय कि दुकान करती है। उसका कहना है कि चारों सहेलियां जो अक्सर रोज मिलती थीं साथ ही नदी में नहाने भी उतर जाती थीं। सोमवार को सुबह उसे भी नहाने के लिए नदी जाते समय बुलाईं पर वह काम होने की वजह से नहीं गई।
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