हाईवे पर चलती कार में लगी आग
छावनी।
फोरलेन पर सोनबरसा गांव के पास चलती इंडिका कार में अचानक आग लग गई। चालक गाड़ी रोककर बाहर निकल कर कुछ सोच पाता तब तक पूरी गाड़ी आग के आगोश में सिमट गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले पूरी गाड़ी जलकर राख हो गई।
अयोध्या के शंकरगढ़ निवासी ध्रुव नरायन निवासी रविवार दोपहर किसी काम से अकेले अपनी इंडिका कार से बस्ती शहर के लिए निकले थे। दोपहर में करीब ढाई बजे के आस-पास फोरलेन पर सोनबरसा गांव के पास पहुंचे थे कि कार में अचानक आग लग गई। आग देखकर तत्काल गाड़ी रोककर नीचे उतरे लेकिन कुछ कर पाते कि पूरी कार आग की लपटों में घिर चुकी थी। आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची पूरी कार जलकर राख हो गई। आग को बुझाने के प्रयास में ध्रुव नरायन का दाहिना हाथ भी झुलस गया। उन्होंने स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया। हादसे के बाद छावनी पुलिस ने कार को हाईवे से हटवा कर यातायात सामान्य कराया। हालांकि, इस दौरान वाहनों की आवाजाही पर विशेष असर नहीं पड़ा।
एक्सपर्ट की राय
मोटर एक्सपर्ट आयुष प्रताप का कहना है कि आग उसी कार में लगती है जिसमें गलत तरीके से वायरिंग की गई होती है या सर्विस का ध्यान नहीं रखा गया होता है। इसमें मूलत: मेटल, प्लास्टिक, रबड़ और फैब्रिक का इस्तेमाल होता है। इसमें मेटल को छोड़कर बाकी तीनों ज्वलनशील हैं और जल्दी आग पकड़ते हैं। सभी बेहद अच्छी क्वॉलिटी के और ज्यादा तापमान सहने के लायक होते हैं। इसलिए खुद-ब-खुद आग नहीं लग सकती।
आग लगने की मुख्य वजह है
एक्सट्रा वायरिंग फिटिंग में जुगाड़ का इस्तेमाल करने पर।
अप्रशिक्षित मकैनिक से वायरिंग कराना।
अनधिकृत डीलरों से सीएनजी/एलपीजी किट फिट करवाना।
क्या है बचाव
कार में सही वक्त पर ऑयल फिल्टर, इंजन कूलेंट और इंजन ऑयल बदलते रहें।
फालतू इलेक्ट्रिकल उपकरण लगाने से बचें।
सीएनजी किट अधिकृत सेंटर से ही लें और फिट कराएं।
जरूरत से ज्यादा मोडिफिकेशन न कराएं।
कार में ये जरूरी सामान
हथौड़ी- इमरजेंसी में भीतर से कार के शीशे को तोड़ने में मदद करेगा।
कैंची- अगर सीट बेल्ट लॉक हो जाए तो कैंची की मदद से आप उसे काट सकते हैं।
अग्निशमन यंत्र- आग लगने की स्थिति में छोटा सा अग्निशमन यंत्र से काबू पा सकते हैं।